अवधी खबर संवाददाता
निगोहां, लखनऊ। राजधानी में इन दिनों सरकारी बैंकों से खाताधारकों की रकम गायब होने के मामलों ने खलबली मचा रखी है। इसी कड़ी में निगोहां कस्बे से बैंक ऑफ बड़ौदा की एक चौंकाने वाली शिकायत सामने आई है, जहां एक विधवा महिला के खाते से एक लाख रुपये निकल जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता का कहना है कि बैंक ने बिना उसकी जानकारी के ही रकम निकाल ली और कई दिनों से बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद न तो संतोषजनक जवाब दिया जा रहा है और न ही खाते का पूरा विवरण उपलब्ध कराया जा रहा है।

निगोहां गांव निवासी विधवा शिवकली पत्नी स्व. पुर्वीदीन ने निगोहां पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनका कस्बे की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में खाता है। उन्होंने अपनी जमीन बेचकर दो लाख रुपये खाते में जमा किए थे, जिसमें से करीब 90 हजार रुपये वह पहले ही निकाल चुकी थीं। शेष रकम खाते में जमा थी। पीड़िता के अनुसार जब उन्होंने 5 जनवरी को खाता चेक किया तो खाते से एक लाख रुपये गायब मिले, जिसे देखकर वह स्तब्ध रह गईं।
महिला का आरोप है कि जब उन्होंने बैंक में जाकर रकम गायब होने की शिकायत की तो बैंक कर्मियों ने टालमटोल करते हुए कई दिनों तक उन्हें दौड़ाया। इतना ही नहीं, खाते का स्टेटमेंट लेने के लिए फॉर्म भरने के बावजूद कई दिनों से स्टेटमेंट भी उपलब्ध नहीं कराया गया। परेशान होकर पीड़िता ने निगोहां पुलिस से शिकायत की, लेकिन वहां भी ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। शनिवार को मजबूर होकर उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की।मामले को लेकर बैंक प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
बैंक मैनेजर सपना मिश्रा का कहना है कि महिला अपने दामाद के साथ पैसे निकालने आई थी और संभव है कि दामाद ने ही कुछ हेरफेर की हो। वहीं पीड़िता ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह केवल दो बार दामाद के साथ गई थीं और करीब 70 हजार रुपये ही निकाले गए थे, जिसकी उन्हें पूरी जानकारी है।
इसके अलावा शेष रकम कौन निकाल ले गया, इसका जवाब बैंक के पास भी नहीं है।वहीं पुलिस की ओर से एसआई अनूप तिवारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था और आम खाताधारकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।