अम्बेडकरनगर से राष्ट्रपति को भेजा गया ज्ञापन
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। ओबीसी की जाति आधारित जनगणना कराने तथा ईवीएम को समाप्त कर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर दिसंबर माह में कटक (उड़ीसा) में प्रस्तावित बामसेफ एवं भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति रद्द किए जाने के विरोध में भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के संयुक्त आह्वान पर आंदोलन के तीसरे चरण में देशभर में व्यापक प्रदर्शन किया गया।
इस क्रम में 31 राज्यों के 725 जिलों में रैली व प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इसी कड़ी में जनपद अम्बेडकर नगर से भी भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी विकास पटेल ने कहा कि आरएसएस और भाजपा की सरकार संविधान और लोकतंत्र विरोधी है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अधिवेशन की अनुमति रद्द करने का मामला नहीं, बल्कि भारत के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
उन्होंने मांग की कि अधिवेशन की अनुमति तत्काल प्रभाव से बहाल की जाए, इसमें शामिल होने वाले डेलीगेट्स और संगठन द्वारा किए गए खर्च की भरपाई की जाए तथा भविष्य में संविधान के दायरे में होने वाले किसी भी संगठनात्मक कार्यक्रम को रोका न जाए। साथ ही ओबीसी की जाति आधारित जनगणना को रोकने की साजिशों पर रोक लगाने और पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच कराए जाने की मांग की।
चौधरी विकास पटेल ने कहा कि उड़ीसा सरकार संविधान के अनुसार कार्य करने में विफल रही है, इसलिए संविधान के अनुच्छेद 256 के तहत संविधान की रक्षा के लिए उड़ीसा सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत सभा, सम्मेलन, आंदोलन और प्रदर्शन करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है और अधिवेशन रद्द करना इसी अधिकार पर हमला है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ओबीसी जनगणना और ईवीएम जैसे अहम मुद्दों पर हो रहे षड्यंत्रों के उजागर होने से डर रही है, इसी कारण ऐसे कार्यक्रमों को रोकने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरएसएस/भाजपा सरकार के संविधान और लोकतंत्र विरोधी षड्यंत्रों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संविधान व लोकतंत्र की आवाज को जन-जन तक पहुंचाकर राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
उन्होंने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते हुए बताया कि 22 फरवरी को आरएसएस मुख्यालय, नागपुर में एक विशाल राष्ट्रीय महारैली का आयोजन किया जाएगा।
इस मौके पर युवा बीएमपी प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र राजभर, एडवोकेट ओपी निगम, भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष डॉ. आत्माराम यादव, जय प्रकाश गुड्डू, सूर्यभान पटेल, एडवोकेट वंशराज, प्रदीप वर्मा, ओपी रंजन, विकास सक्सेना, रामनाथ अम्बेश, पंकज मौलिक सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे।





