अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर।जनपद के मालीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नेमपुर गांव में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ अचानक खेतों में काम कर रहे किसानों के बीच पहुंच गया। तेंदुए के अचानक हमले में चार ग्रामीण घायल हो गए, जबकि रेस्क्यू अभियान के दौरान एक वनकर्मी भी चोटिल हो गया।
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। करीब 20 से अधिक वनकर्मियों की टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर लगभग पांच घंटे तक खेतों और आसपास के क्षेत्र में तेंदुए की तलाश की। इस दौरान जाल भी बिछाए गए, लेकिन तेंदुआ एक वनकर्मी पर हमला कर मौके से भाग निकला।
कुछ देर बाद सरसों के खेत में ग्रामीणों ने तेंदुए को देख लिया और उसे चारों ओर से घेर लिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर हटाया। इसके बाद तेंदुए को काबू में कर पिंजरे में बंद किया गया। रेस्क्यू के दौरान तेंदुआ गुर्राता रहा और पंजा मारने का प्रयास करता रहा, लेकिन कुछ देर बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा।
तेंदुए के हमले में नेमपुर गांव के इंद्रेश निषाद, अजय निषाद, सभा लाल निषाद और धवरूवा पेंदिया गांव के लालजी यादव घायल हुए हैं। इंद्रेश निषाद के चेहरे पर गंभीर चोट आई, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर से जिला अस्पताल रेफर किया गया। अजय निषाद का इलाज दोस्तपुर सीएचसी में चल रहा है, जबकि सभा लाल निषाद और लालजी यादव का इलाज अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कराया गया।
वन क्षेत्राधिकारी स्नेह कुमार मौर्य ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया गया है। गोरखपुर से विशेषज्ञ टीम बुलवाई गई है, जो तेंदुए का प्राथमिक उपचार कर उसे गोरखपुर चिड़ियाघर ले जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वन्य जीव दिखाई देने पर अफवाह या भीड़ न करें, बल्कि तत्काल प्रशासन को सूचना दें।वन विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और गांव में अब स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है।





