मीडिया पड़ताल! जूनियर हाई स्कूल में शिक्षक नदारद बच्चों ने खुद खोल स्कूल का ताला, बदलते बयानों से बढ़ा संदेश जांच की मांग

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अवधी खबर संवाददाता

अम्बेडकरनगर (प्रमोद वर्मा)।
प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जनपद के टांडा शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत फूलपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में संचालित जूनियर हाईस्कूल की जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। मीडिया की पड़ताल में सामने आया कि जूनियर हाईस्कूल विद्यालय में लगभग 25 बच्चे अध्ययनरत हैं, किंतु निरीक्षण के दौरान कुछ बच्चे परिसर में अकेले मौजूद मिले।


मिडिया कर्मि वहां पहुंचे तो स्कूल गेट में अन्दर से ताला बंद था, जिसे बच्चों द्वारा खोला और बंद किया गया था। सामान्यतः यह जिम्मेदारी अध्यापक या रसोइया की होती है। जूनियर हाईस्कूल में इंचार्ज प्रधानाध्यापक के रूप में राम श्याम तथा सहायक अध्यापक के रूप में जयप्रकाश तैनात हैं, लेकिन मौके पर दोनों अनुपस्थित पाए गए। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य रामजीत से पूछताछ में पहले बताया गया कि जूनियर हाईस्कूल के इंचार्ज प्रधानाध्यापक अभी कोटेदार के पास गए है और सहायक अध्यापक को एसएआर ड्यूटी में लगाया गया है।

आगे की पड़ताल में अलग-अलग जानकारियां सामने आईं कहीं कहा गया कि सहायक अध्यापक दिल्ली गए हैं, तो कहीं बताया गया कि प्रधानाध्यापक राशन की दुकान पर हैं। जब संबंधित राशन दुकान पर जानकारी ली गई तो वहां से स्पष्ट किया गया कि वे कई वर्षों से वहां नहीं आए हैं।


मामले में खंड शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया गया। पहले उन्होंने स्वयं को फील्ड में बताया और पुष्टि के बाद जानकारी देने की बात कही। कुछ ही मिनट बाद कहा गया कि संबंधित शिक्षक उनके सामने बैठे हैं। बाद में कार्यालय की ओर से यह भी बताया गया कि सहायक अध्यापक एसआईआर कार्य में लगे थे और मोबाइल कहीं और रखा होने के कारण फोन रिसीव नहीं हो पाया।

यह जानकारी उनके घर पर संपर्क करने के बाद दी गई, जिससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े हो गए।
शाम लगभग 4:30 बजे यह सूचना दी गई कि सहायक अध्यापक की ड्यूटी मोजनपुर में बूथ संख्या 1,2,3 पर लगाई गई है। पूरे घटनाक्रम में लगातार बदलते बयानों से मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। बच्चों का बिना शिक्षक के विद्यालय में रहना और स्वयं ताला खोलना-बंद करना न केवल शैक्षणिक लापरवाही, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर विषय है।

अब बड़ा सवाल यह है कि जब खंड शिक्षा कार्यालय शाम 5 बजे तक खुला रहता है, तो इंचार्ज प्रधानाध्यापक शिक्षण कार्य छोड़कर वहां पहले क्यों पहुंचे? क्या बच्चों के भविष्य के साथ इस प्रकार खिलवाड़ किया जा रहा है? वहीं जानकारों की माने तो शिक्षण कार्य के दौरान स्कूल से अध्यापक शिक्षण कार्य छोड़कर किसी कार्य के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नहीं जा सकते हैं बल्कि बच्चों की छुट्टी होने के बाद शाम 5 बजे तक खंड शिक्षा कार्यालय में अपना काम जाकर निपटा सकते हैं इसी के उद्देश्य से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। जिससे बच्चों का शिक्षण कार्य भी प्रभावित न हो सके।
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस प्रकरण में क्या ठोस कदम उठाता है।


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