पूर्व ब्लॉक प्रमुख व पूर्व जिला पंचायत सदस्य की पुत्री की सफलता से क्षेत्र में खुशी की लहर, डॉक्टर बनकर मानव सेवा का लिया संकल्प
अवधी खबर संवाददाता
आलापुर, अम्बेडकरनगर।
आलापुर तहसील क्षेत्र के सतरही गांव की बेटी खुशबू गौतम ने नीट (NEET) 2026 परीक्षा में 720 में से 527 अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। खुशबू की सफलता पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और लोग इसे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बता रहे हैं।
खुशबू गौतम, पूर्व ब्लॉक प्रमुख संगीता देवी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य बलिराम गौतम की पुत्री हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया। खुशबू ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर मानवता की सेवा करना है। उन्होंने बताया कि उनके बाबा स्वर्गीय ठेकेदार धर्मराज का सपना था कि उनकी पोती डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करे और नीट में सफलता उस सपने को पूरा करने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य बलिराम गौतम ने कहा कि नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि खुशबू की उपलब्धि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
खुशबू ऐसे परिवार से संबंध रखती हैं, जिसकी समाज सेवा और जनप्रतिनिधित्व में विशेष पहचान रही है। उनकी माता संगीता देवी पूर्व ब्लॉक प्रमुख, पिता बलिराम गौतम पूर्व जिला पंचायत सदस्य तथा दादी मैना देवी वर्तमान में सतरही ग्राम पंचायत की प्रधान हैं। चाचा भानू गौतम ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय हैं, जबकि ताऊ विवेक कुमार सहारनपुर में उपनिबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी बुआ डॉ. प्रेमलता गौतम (बीएएमएस) चिकित्सा सेवा से जुड़ी हैं, जिन्होंने खुशबू को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
परिवार में शिक्षा का वातावरण भी प्रेरणादायक है। बड़ी बहन मनीषा गौतम लखनऊ में बीबीए-एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं। छोटी बहन स्वाति गौतम इंटरमीडिएट की छात्रा हैं, जबकि भाई आदित्य कुमार कक्षा 11 में अध्ययनरत हैं।
खुशबू गौतम की इस सफलता पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में मिली यह सफलता जिले की बेटियों के लिए नई प्रेरणा है और यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।




