घर से दूर आबादी की जमीन पर बनी थी छह फुट ऊंची दीवार, सगे भतीजे पर दीवार गिराने का आरोप
पीड़ित ने थाने में दी नामजद तहरीर, अकबरपुर के बाद भीटी में भी बुलडोजर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। जिले में बुलडोजर से दीवार गिराने के मामले एक बार फिर चर्चा में हैं। अकबरपुर के बाद अब भीटी थाना क्षेत्र के लोहझरा गांव में रात के अंधेरे में बुलडोजर से करीब 15 वर्ष पुरानी दीवार गिराए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि घर से दूर आबादी की जमीन पर बनी करीब छह फुट ऊंची दीवार को पीड़ित के सगे भतीजे ने बुलडोजर से ढहा दिया। मामले में पीड़ित ने भीटी थानाध्यक्ष को नामजद शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव निवासी राजकुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय लालजी सिंह का आरोप है कि आबादी की जमीन पर करीब 15 वर्ष पहले दीवार बनवाई गई थी। यह दीवार उनके घर से दूर स्थित जमीन पर बनी हुई थी। आरोप है कि रात के अंधेरे में उनके सगे भतीजे ने बुलडोजर लगाकर दीवार को गिरा दिया। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। पीड़ित को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, दीवार गिराने के पीछे की वजह, जमीन के स्वामित्व और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।
करीब डेढ़ दशक से खड़ी दीवार को रातोंरात गिराए जाने के आरोप ने गांव में चर्चा छेड़ दी है। सवाल यह है कि यदि जमीन या दीवार को लेकर कोई विवाद था, तो उसका समाधान कानूनी तरीके से कराने के बजाय बुलडोजर का सहारा क्यों लिया गया? यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
अकबरपुर में दीवार और मकानों को गिराए जाने के मामलों के बाद भीटी में सामने आई इस शिकायत ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना यह है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर क्या कार्रवाई करती है।




