दिवंगत सिंगारी देवी की स्मृति में परिवार ने किया शांति पाठ, जलदान संस्कार के जरिए दिया सामाजिक बदलाव का संदेश
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। प्रज्ञा मानव कल्याण ट्रस्ट के तत्वावधान में संचालित मृत्यु उपरांत तेरहवीं एवं भोजदान निर्मूलन अभियान के तहत समाज में व्याप्त अमानवीय कुप्रथाओं और रूढ़िवादी परंपराओं को समाप्त करने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। इसी क्रम में 9 अक्टूबर को अकबरपुर क्षेत्र के डैयाडीह निवासी मनीराम, सतीराम, शनीराम एवं कमलेश कुमार की दिवंगत माता यशाकायी सिंगारी देवी (75) की स्मृति में शांति पाठ एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
भगत आसोपुर की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम में दिवंगत माता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके पुत्रों एवं परिजनों ने पारंपरिक तेरहवीं और भोजदान के स्थान पर शांति पाठ तथा जलदान संस्कार के माध्यम से सामाजिक बदलाव का संदेश दिया। कार्यक्रम में तथागत गौतम बुद्ध की लोककल्याणकारी धम्म देशना के माध्यम से शोकाकुल परिवार को दुख की घड़ी में धैर्य, शांति और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई।
इस अवसर पर बौद्धाचार्य मुकेश कुमार बौद्ध एवं बौद्धाचार्य राधेश्याम विमल ने धम्म देशना के उपरांत जलदान संस्कार संपन्न कराया। उन्होंने समाज में प्रचलित ऐसी परंपराओं पर पुनर्विचार करने और मानवीय मूल्यों, करुणा तथा समतामूलक विचारधारा को अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में सहयोगी भगत, मोनू गौतम सहित बड़ी संख्या में उपासक-उपासिकाएं, परिवार के सदस्य और शुभचिंतक उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत सिंगारी देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रज्ञा मानव कल्याण ट्रस्ट का यह अभियान मृत्यु उपरांत होने वाले अनावश्यक कर्मकांडों और सामाजिक दबाव में निभाई जाने वाली परंपराओं के विकल्प के रूप में शांति पाठ, धम्म देशना एवं जलदान संस्कार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।




