सचिव की भट्ठे से ईंट सप्लाई, जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की तैयारी
अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर।
विकासखंड रामनगर की ग्राम पंचायत मूसेपुर कला में खड़ंजा निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। निर्माण में जहां सरकारी मानकों को दरकिनार कर पीली ईंटों का प्रयोग किया गया, वहीं यह भी उजागर हुआ है कि ईंटों की आपूर्ति ग्राम सचिव के निजी ईंट भट्ठे से कराई गई। यह पूरा खेल न केवल सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला है, बल्कि हितों के टकराव का गंभीर मामला भी बन गया है।
सचिव पर गंभीर आरोप, नहीं दिया जवाब
ग्राम सचिव को इस गड़बड़ी पर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) जगन्नाथ चौधरी द्वारा दो दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया था। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद सचिव की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। बीडीओ ने स्पष्ट किया है कि मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है, और अब सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इस घोटाले की परतें उस वक्त खुलीं जब अधिवक्ता राम जियावन तिवारी ने पूरे प्रकरण की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित ग्राम सचिव, जो कि ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष भी हैं, अपने पद का दुरुपयोग कर मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे यह मामला जिलाधिकारी के समक्ष उठाएंगे। गांव के आम नागरिकों में इस अनियमितता को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस तरह के भ्रष्टाचार को तत्काल रोका जाए और दोषियों पर वित्तीय दंड के साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जाए। लोगों का कहना है कि अगर इस मामले में लीपापोती की गई तो वे जबरदस्त विरोध प्रदर्शन करेंगे।
अधिवक्ता व ग्रामीणों की कार्रवाई की मांग
ग्राम पंचायत मूसेपुर कला में हुआ यह कथित निर्माण घोटाला इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि कैसे सत्ता और पद का उपयोग कर कुछ लोग जनहित के नाम पर निजी हित साधते हैं। अगर अब भी समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही प्रशासन की साख और पारदर्शिता दोनों पर भारी पड़ेगी।अब देखना यह है कि भ्रष्टाचार के इस खेल पर कार्रवाई की गाज़ कब गिरती है – या फिर यह मामला भी फाइलों में दफ्न होकर रह जाएगा?





