जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग
अवधी खबर संवाददाता
अयोध्या।
जनपद के प्रतिष्ठित रामबली इंटर कॉलेज, गोसाईगंज में फर्जी नियुक्ति, दोहरी वेतन वसूली और दस्तावेजी घोटालों से जुड़ा भ्रष्टाचार का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। शिकायतों और सबूतों के बावजूद कार्रवाई केवल एक शिक्षक तक सिमट जाना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। शिकायतकर्ता कामता प्रसाद ने शिक्षा विभाग और शासन को सौंपी गई शिकायत में आरोप लगाया कि कॉलेज में वर्षों से नियमों की अनदेखी कर फर्जी तरीके से नियुक्तियाँ की गईं। कई शिक्षक अयोग्य पाए गए, जबकि कुछ ने दो स्थानों से वेतन लिया।
सबसे पहले शिक्षक सरोज दुबे के खिलाफ दोहरी वेतन संबंधी शिकायत पर विभाग ने सिर्फ वेतन वापसी की बात कही, जबकि उनके खिलाफ न तो निलंबन हुआ और न ही किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज हुई।
जबकि शिक्षक सरोज कुमार द्विवेदी के बारे में जिला विद्यालय निरीक्षक ने पत्र के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि इन्होंने दोनों विभागों से वेतन प्राप्त किया है।बाद में उनका ड्यूटी रजिस्टर भी संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया।
जब पूरे मामले पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) से बातचीत की गई, तो उन्होंने केवल सरोज दुबे के मामले की पुष्टि की और शेष पर गोलमोल जवाब देते रहे। कामता प्रसाद का कहना है कि प्रशासन केवल एक मामले में खानापूरी कर अन्य सभी आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहा है।
“पूरे कॉलेज में गड़बड़ी है, लेकिन कार्रवाई केवल एक व्यक्ति पर केंद्रित है। यह एक प्री-प्लान स्क्रिप्ट लगती है।” — कामता प्रसाद, शिकायतकर्ता
जब लिखित शिकायतें, दस्तावेजी सबूत और गवाह सब मौजूद हैं, तो फिर अन्य मामलों में जांच क्यों नहीं हो रही? क्या शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार को जानबूझकर संरक्षण मिल रहा है? शिकायतकर्ता की प्रमुख मांगें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। सभी दोषियों को निलंबित कर सेवा से बर्खास्त किया जाए।कार्रवाई को सिर्फ एक नाम तक सीमित न रखा जाए।





