अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
अकबरपुर डिवीजन में बिजली विभाग के दो लाइनमैन—दुर्गेश पांडे और शिवराज वर्मा—का ट्रांसफर हाल ही में अमेठी हुआ था, लेकिन महज 15 दिन के भीतर ही दोनों की वापसी ने विभागीय पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगा दिया है। सूत्रों की मानें तो यह “रिवर्स ट्रांसफर” पैसे और राजनीतिक दबाव का नतीजा है।
स्थानीय लोगों में इसको लेकर भारी नाराजगी है। चर्चा है कि विभाग में लछमिनिया गैंग का दबदबा लगातार बढ़ रहा है, जो ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। एक नागरिक ने कटाक्ष करते हुए कहा, “यहां ट्रांसफर नियमों से नहीं, जेब से होते हैं।”
इस घटना ने विभागीय ईमानदारी और नियम-कानूनों की उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि क्या विभाग इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करेगा या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों की धूल में गुम हो जाएगा।





