अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर।
जलालपुर क्षेत्र के नगपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। टीकाकरण के लिए आई एक नन्ही बच्ची और उसके अधिवक्ता पिता के साथ फार्मासिस्ट द्वारा की गई बदसलूकी और मारपीट की कोशिश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।
कुत्ते को लेकर हुआ विवाद, मरीज़ों को मिल रही धमकी
घटना के अनुसार, अधिवक्ता अंजेश यादव अपनी बेटी को कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने नगपुर सीएचसी पहुंचे थे। आरोप है कि वहां तैनात फार्मासिस्ट ने उनके साथ न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि मारपीट की भी कोशिश की। फार्मासिस्ट अपने पालतू कुत्ते को केंद्र में रखता है और उसी के अनुसार मरीज़ों से व्यवहार करता है। आरोप है कि वह मरीज़ों को कुत्ते से कटवाने की धमकी तक देता है। पीड़ित अंजेश यादव ने बताया कि जब उन्होंने अपनी बेटी के लिए वैक्सीन की मांग की, तो फार्मासिस्ट ने गाली-गलौज शुरू कर दी और झगड़े पर उतर आया। यादव ने कोतवाली जलालपुर में तहरीर देकर आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अधीक्षक ने दी प्रतिक्रिया, पहले से हैं शिकायतें
जब इस मामले में सीएचसी अधीक्षक जय प्रकाश से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है कि फार्मासिस्ट की दबंगई पहले भी देखने को मिली है, लेकिन कार्रवाई के अभाव में उसका हौसला बढ़ता गया।
जनता में रोष, कार्रवाई की उठी मांग
घटना से स्थानीय जनता में भारी गुस्सा है। वायरल वीडियो को लेकर लोग स्वास्थ्य केंद्र में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों ने प्रशासन से तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या स्वास्थ्य केंद्र जैसे गंभीर संस्थान में निजी पालतू जानवरों को रखना और धमकाना जायज़ है? यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी की भारी कमी को उजागर करती है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोषी के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाते हैं। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए समाज की निगाहें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





