अवधी खबर संवाददाता
टांडा (अम्बेडकरनगर)।
सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से टांडा क्षेत्र के निचले इलाकों और मांझा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी का पानी अब खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे क्षेत्रवासियों की चिंता गहराने लगी है। प्रशासन ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है और राहत व्यवस्था को अलर्ट मोड में रखा गया है। बाढ़ कार्य खंड अयोध्या की रिपोर्ट के अनुसार, सरयू नदी का जलस्तर केंद्रीय जल आयोग के मापी यंत्र पर 25 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
सबसे अधिक प्रभाव की आशंका ग्राम उल्टहवा मांझा, मांझा कला, अवसानपुर, करमपुर बरसांवा, आसोपुर और फूलपुर गांवों में जताई जा रही है। इन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। स्थानीय लोगों को डर है कि यदि नेपाल स्थित बैराजों से और पानी छोड़ा गया, तो स्थिति भयावह हो सकती है और गांवों में पानी भरने की आशंका है।
उपजिलाधिकारी टांडा ने बताया कि बाढ़ प्रबंधन को लेकर 9 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, और सभी कर्मचारियों की सूची तैयार कर दी गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जैसे ही जलस्तर और बढ़ेगा, सभी चौकियों को सक्रिय कर दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर नावों की व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तहसील स्तर पर बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी हैं, और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से तुरंत संपर्क करें।





