हजारों पौधे कूड़ा घर के अंदर ताले में बंद होकर सूख गए
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। विकासखंड बसखारी के ग्राम सभा अरूसा आजमपुर में कूड़ा घर (आरसीसी सेंटर) निर्माण और वृक्षारोपण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सहायक विकास अधिकारी पंचायत कार्यालय से प्राप्त डाटा के अनुसार ग्राम सभा में कूड़ा घर का निर्माण पूरा दिखाया गया है, किंतु जमीनी पड़ताल में स्थिति बिल्कुल भिन्न नजर आई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कूड़ा घर बने अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ और उसका फर्श व ढांचा टूटकर बिखरने लगा है। निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने पूछा कि आखिर ऐसे निर्माण की उम्र कितनी है? क्या अधिकारी नियमित जांच नहीं करते हैं या फिर सरकारी धन का दुरुपयोग कर घटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है? इस पूरे प्रकरण में ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान व जांचकर्ता अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
वहीं, वृक्षारोपण के मामले में भी स्थिति संतोषजनक नहीं दिख रही है। सरकार द्वारा करोड़ों रुपये वृक्षारोपण कार्यों पर खर्च किए जाने के बावजूद ग्राम सभा अरूसा आजमपुर में लगाए गए हजारों पौधे कूड़ा घर के अंदर ताले में बंद होकर सूख गए। इससे पर्यावरण सुधार की मंशा पूरी तरह विफल होती दिख रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और सचिव ने क्यों नहीं निभाई?
मनरेगा की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार ग्राम सभा अरूसा आजमपुर में वृक्षारोपण कार्य के लिए मनरेगा मजदूरों से कई दिनों तक कार्य कराए जाने का दावा है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। ग्रामीणों का आरोप है कि केवल फोटो खिंचवाकर ही मनरेगा की राशि निकाल ली गई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि कूड़ा घर निर्माण व वृक्षारोपण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।





