चकमार्ग विवाद : पीड़ित की गुहार के बावजूद प्रशासन मौन, कब्जेदारों का मनोबल बढ़ा
हैदरगंज (अयोध्या)। ग्राम पंचायत सराय मनोधर के मजरा गनेशपुर में चकमार्ग की पैमाइश किए बिना ही इंटरलॉकिंग मार्ग का निर्माण करा देने से विवाद गहराता जा रहा है। मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद विधायक निधि के नाम पर ठेकेदार से काम शुरू करा दिया गया, जिस पर प्रभावित किसानों ने कड़ा विरोध जताया है।

मिली जानकारी के अनुसार गाटा संख्या 1398 खतौनी विश्वनाथ व सियाराम के नाम दर्ज है। इस पर विपक्षी पक्ष महेंद्र निषाद (कोटेदार) समेत अन्य लोग कब्जा किए हुए हैं। जमीन विवाद को लेकर धारा 134 बेदखली का मुकदमा न्यायिक मजिस्ट्रेट बीकापुर की अदालत में लंबित है।
इसके बावजूद 22 सितंबर को बिना किसी पैमाइश के ही ठेकेदार राज द्वारा उक्त गाटा संख्या 1398 पर इंटरलॉकिंग मार्ग का निर्माण शुरू करा दिया गया, जबकि असली रास्ता गाटा संख्या 1387 पर दर्ज है। आरोप है कि कब्जेदारों ने गाटा संख्या 1387 को खेत में मिला लिया और विधायक निधि का हवाला देकर विवादित भूमि पर निर्माण करवा दिया।
पीड़ित विश्वनाथ निषाद ने अवैध निर्माण को रुकवाने के लिए हैदरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई और उपजिलाधिकारी बीकापुर से चकमार्ग की पैमाइश कराने की मांग की। लेकिन न तो पैमाइश कराई गई और न ही पुलिस ने निर्माण कार्य रोकने की कार्रवाई की।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता से अवैध कब्जेदारों का मनोबल बढ़ा हुआ है और वे खुलेआम विवादित जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं।





