अम्बेडकर नगर।
आलापुर तहसील क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चहोड़ा शाहपुर में आगामी 5 नवंबर को विशाल कार्तिक पूर्णिमा मेला आयोजित किया जा रहा है। यह पावन स्थल पतित पावनी सरयू नदी के तट पर स्थित है, जहां दर्जनों प्राचीन मंदिर आस्था और श्रद्धा के प्रतीक हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यहां हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
सरयू नदी उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों में से एक है। लंबाई के आधार पर गंगा राज्य की सबसे लंबी नदी मानी जाती है, किंतु चौड़ाई की दृष्टि से सरयू नदी को प्रदेश की सबसे विशालकाय नदी कहा जाता है। नदी का जल इस समय अत्यंत निर्मल है, परंतु बीते दिनों आई तेज धारा के कारण नदी किनारों पर मिट्टी कटान जारी है।
मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। कटान रोकने एवं घाट समतलीकरण का कार्य जेसीबी मशीनों से कराया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें। वहीं, कटान की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
विकासखंड रामनगर के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) बृजेश वर्मा एवं ग्राम पंचायत सचिव अवनीश यादव अपनी टीम के साथ मेले की तैयारियों में जुटे हुए हैं। साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी शौचालय और पेयजल की व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।
सुरक्षा के दृष्टिगत आलापुर पुलिस टीम एवं उपजिलाधिकारी आलापुर लगातार स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। जिलाधिकारी अम्बेडकर नगर ने भी हाल में घाट और मेले की तैयारियों का जायजा लिया। नदी के अंदर जहां पानी की गहराई अधिक है, वहां बांस की बाउंड्री लगाई गई है, ताकि श्रद्धालु स्नान के दौरान किसी भी खतरे से सुरक्षित रह सकें।
स्थानीय जनों में मेले को लेकर उत्साह का माहौल है। आगामी कार्तिक पूर्णिमा के दिन सरयू स्नान, धार्मिक अनुष्ठान एवं भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। ग्रामीणों के अनुसार यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि लोक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है।





