अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। जिले में धान खरीद में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। टांडा–3/खासपुर केंद्र का एक वीडियो वायरल होने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि बिना पंखा चले, बिना नमी की जांच और बिना तौल के ही ट्रॉलियों से सीधे गोदाम में धान की उतरवाई की जा रही है।
धान खरीद की मानक प्रक्रिया के अनुसार पहले नमी जांच, फिर ओसाई और उसके बाद तौल अनिवार्य है, लेकिन केंद्र पर पहुंच रहे व्यापारियों के धान पर अधिकारी कर्मचारियों की विशेष कृपा बरसती दिखाई दे रही है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रॉली से धान सीधा गोदाम में डाला जा रहा है, जबकि किसानों के लिए यही प्रक्रिया घंटों लगाकर पूरी कराई जाती है। किसान लाइन में खड़े रहते हैं, उनकी फसल को जांच और ओसाई के नाम पर घंटों रोका जाता है, जबकि व्यापारियों और मिलरों का धान बिना प्रक्रिया के ही भीतर पहुंच रहा है।
सूत्रों का कहना है कि केंद्र पर नियमों को ताख पर रखकर कारोबारियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि स्थानीय किसानों को खरीद में भयंकर परेशानी उठानी पड़ रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद किसानों में आक्रोश है। वे पूछ रहे हैं हमसे कड़ी जांच, और व्यापारियों पर सीधी मेहरबानी क्यों? प्रशासनिक स्तर पर मामले ने हलचल मचा दी है। विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आ सका है, लेकिन किसान निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


