मान्यता, स्वास्थ्य सुविधा और आयोग गठन की उठी मांग को लेकर टांडा विधायक को सौंपा गया ज्ञापन
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकर नगर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की जनपद अंबेडकरनगर शाखा द्वारा ग्रामीण पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को एक मांग पत्र भेजा गया है। यह ज्ञापन टांडा विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम मूर्ति वर्मा के माध्यम से प्रेषित किया गया। ज्ञापन में तहसील अध्यक्ष टांडा, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन (उत्तर प्रदेश) एवं ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के पदाधिकारी मो. सईद अख्तर खान ने बताया कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों का प्रदेश का सबसे बड़ा संगठन है, जिसका पंजीकरण संख्या 1153/86 है।
संगठन प्रदेश के 18 मंडलों, 75 जनपदों एवं 551 तहसीलों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है, कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकार अत्यंत विषम परिस्थितियों में पत्रकारिता का दायित्व निभा रहे हैं, लेकिन सरकार अथवा संस्थानों की ओर से उन्हें कोई ठोस सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में पत्रकारों के जीवन स्तर में सुधार एवं उनके हितों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से तहसील स्तर पर पत्रकारों को मान्यता देने के लिए शासनादेश में संशोधन, जिला, मंडल व तहसील स्तर पर पत्रकार हितों की रक्षा हेतु स्थाई समिति के गठन, ग्रामीण पत्रकारों को आयुष्मान कार्ड व परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा देने, प्रदेश स्तरीय मान्यता एवं विज्ञापन समितियों में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को शामिल करने, लखनऊ के दारुलशफा में संगठन के लिए निःशुल्क कार्यालय उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण पत्रकार आयोग के गठन की मांग की गई है।
इसके साथ ही पत्रकारिता के दौरान उत्पन्न विवादों में पत्रकारों पर प्राथमिकी दर्ज करने से पूर्व किसी सक्षम राजपत्रित अधिकारी से जांच कराए जाने का भी अनुरोध किया गया है। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से इन सभी बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने आशा जताई है, कि सरकार ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करेगी। इस दौरान पत्रकार संगठन के समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे।





