अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकर नगर।
नगर पालिका परिषद टाण्डा क्षेत्र में सरकारी नजूल भूमि पर अतिक्रमण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री जनसुनवाई/आईजीआरएस हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के बावजूद अब तक अवैध कब्जा नहीं हटाया जा सका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नगर पालिका द्वारा बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे सरकारी भूमि पर कब्जा जस का तस बना हुआ है।
शिकायतकर्ता अंसार अहमद पुत्र शहाबुद्दीन ने 14 अक्टूबर 2025 को नगर विकास एवं नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मोहम्मद जिया पुत्र हाजी निसार अहमद ने सरकारी नजूल भूमि पर अवैध कब्जा कर टीनशेड लगाकर दुकान संचालित कर रखी है।
नगर पालिका परिषद टाण्डा के अधिशासी अधिकारी द्वारा प्रस्तुत निस्तारण आख्या के अनुसार, विवादित नजूल भूखण्ड संख्या 3506, क्षेत्रफल 1-7-1050, सरकारी अभिलेखों में परती नजूल भूमि के रूप में दर्ज है। जांच के दौरान यह पुष्टि भी हुई कि उक्त भूखण्ड के एक हिस्से पर अनाधिकृत कब्जा किया गया है।
प्रशासन की ओर से अवैध कब्जा हटाने के लिए 26 अगस्त 2024, 18 दिसंबर 2024 तथा 06 दिसंबर 2025 को संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर स्वयं कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद आज तक कब्जा नहीं हटाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी कार्रवाई केवल कागजों में ही सीमित है और जमीनी स्तर पर प्रशासन की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही।
फीडबैक प्रक्रिया के तहत 8 दिसंबर 2025 को शिकायतकर्ता से संपर्क किया गया, जिसमें उन्होंने निस्तारण को लेकर असंतोष जताया। इसके बाद निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात कही गई।
मामले में नगर पालिका परिषद टाण्डा के अधिशासी अधिकारी से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद वास्तव में विधिक प्रक्रिया अपनाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करती है या फिर सरकारी भूमि पर कब्जे के मामलों में नोटिस पर नोटिस की परंपरा यूं ही चलती रहेगी।





