अवधी खबर संवाददाता
निगोहां लखनऊ।निगोहां थाना क्षेत्र के दखिना गांव के किसान शिव प्रकाश उर्फ कबीर की नृशंस हत्या कर शव जलाने के सनसनीखेज मामले में निगोहां पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। हत्या के दौरान इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन समेत अन्य सबूत जुटाने के लिए पुलिस ने जेल में बंद दो मुख्य आरोपियों की 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड ली थी।
रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त मोबाइल फोन की की-पैड और दूसरे मोबाइल फोन का पिछला कवर बरामद कर उन्हें दोबारा जेल भेज दिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या जमीन विवाद से जुड़ी हुई है। मुकदमे में हार के डर से आरोपियों ने किसान को रास्ते से हटाने की साजिश रची। बीते 15 नवंबर 2025 को शिव प्रकाश उर्फ कबीर का दो कारों से अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को उन्नाव जनपद ले जाकर जला दिया गया।
इस जघन्य वारदात में शामिल छह आरोपियों सुजीत कुमार श्रीवास्तव, पिंटू रावत, विनोद, लालू उर्फ नीरज कश्यप, राजू उर्फ राजकुमार और दिलीप कुमार रावत निवासी ब्राम्हण टोला, नगराम थाना नगराम को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वारदात में प्रयुक्त दोनों स्विफ्ट डिजायर कारें भी पुलिस ने बरामद कर ली हैं।गौरतलब है कि किसान शिव प्रकाश बीते 15 नवंबर से लापता था।
परिजनों की शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस के जरिए तलाश शुरू की। बीते 16 नवंबर को मोबाइल की लोकेशन उन्नाव के पाटन गांव, थाना बीघापुर क्षेत्र में मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां एक अधजला शव मिला। फोटो के आधार पर शव की पहचान होने के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज की गई।
निगोहां थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी ने बताया कि आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहे थे। अलग-अलग गिरफ्तारियों के दौरान नए तथ्य सामने आए, जिनसे स्पष्ट हुआ कि घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और मृतक का मोबाइल फोन अब भी बरामद होना बाकी है। इसी क्रम में मामले के मास्टरमाइंड सुजीत कुमार श्रीवास्तव और दिलीप रावत को मंगलवार को 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया।
रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर रायबरेली हाईवे स्थित डुडौली के वृंदावन रेस्टोरेंट के आगे एक पुल के नीचे नाले के पास झाड़ियों से हत्या में प्रयुक्त मोबाइल के अहम हिस्से बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि बरामद साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे साजिश और अपराध की कड़ियां और मजबूत होंगी।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना जारी है और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। इस खुलासे से पुलिस को अदालत में मजबूत सबूत पेश करने में मदद मिलने की उम्मीद है।