ग्राम सभा हथिना राज में मनरेगा में महा-भ्रष्टाचार का आरोप

Spread the love

अवधी खबर संवाददाता

अम्बेडकरनगर।जनपद के विकासखंड रामनगर अंतर्गत ग्राम सभा हथिना राज में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आने का आरोप लगा है। मनरेगा की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए गए आंकड़ों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर पाया गया है, जिससे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी रोष व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मनरेगा वेबसाइट पर तालाब खुदाई कार्य में 40 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई जा रही है, जबकि मौके पर निरीक्षण के दौरान केवल 24 श्रमिक ही कार्य करते पाए गए। ऐसे में सवाल उठता है कि शेष 16 श्रमिक आखिर कहां काम कर रहे हैं। क्या वे वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद थे या फिर उनकी फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है?

ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा के नाम पर फर्जी हाजिरी दिखाकर धन की बंदरबांट की जा रही है। संदेह जताया जा रहा है कि यह राशि कहीं ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव या रोजगार सेवक के संरक्षण में तो नहीं निकाली जा रही। इससे भी गंभीर बात यह सामने आई है कि मनरेगा वेबसाइट पर अपलोड की गई तस्वीरों में एक ही व्यक्ति का फोटो कई अलग-अलग मास्टर रोल में दर्शाया गया है, जो सीधे तौर पर फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है।

जब मनरेगा योजना के अंतर्गत पूरा डाटा और फोटो ऑनलाइन अपलोड किया जाता है, तो फिर जिले से लेकर ब्लॉक स्तर तक के अधिकारियों की नजर इस गड़बड़ी पर क्यों नहीं पड़ी, यह भी बड़ा सवाल है। ग्रामीणों में चर्चा है कि कहीं यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से तो नहीं हो रहा। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि फर्जी हाजिरी के जरिए धन बचाकर कहीं भविष्य की प्रधानी या राजनीतिक तैयारी तो नहीं की जा रही।

मनरेगा योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को 100 दिन का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन हथिना राज ग्राम सभा में जो तस्वीर सामने आ रही है, वह इस योजना की मंशा पर सवाल खड़े करती है। जनता का कहना है कि यह पैसा सरकार का नहीं, बल्कि जनता का पैसा है, और इसका इस तरह दुरुपयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी आंबेडकरनगर से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में इस तरह का फर्जीवाड़ा दोबारा न हो।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर आरोप को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या सच में जनता के पैसे की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।


Spread the love

Related Posts

मजिस्ट्रेट लिखी गाड़ी में सफाई कर्मचारी बना वाहन चालक! ठेके पर शराब, गांव की सफाई भगवान भरोसे

Spread the love

Spread the loveअवधी खबर संवाददाता अम्बेडकरनगर (प्रमोद वर्मा)।अकबरपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गतकनक पट्टी गांव निवासी सफाई कर्मचारी से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने जिले की सरकारी व्यवस्था पर…


Spread the love

अम्बेडकर नगर! केवटला मठ प्रकरण में नया मोड़, ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद बदला रुख

Spread the love

Spread the loveअवधी खबर संवाददाता बसखारी (अम्बेडकर नगर)। विकासखंड बसखारी के ग्राम सभा केवटला स्थित केवटला मठ से जुड़े परिवार रजिस्टर नकल प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। इस…


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *