अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।जनपद की रामनगर पश्चिमी सीट पर इस बार चुनावी तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। भीम आर्मी समर्थित आज़ाद समाज पार्टी की ओर से रमेश यादव पुजारी इस बार एक प्रबल और मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आए हैं। क्षेत्र में उनकी निरंतर सक्रियता, जनता से सीधा जुड़ाव और साफ-सुथरी छवि ने उन्हें अन्य प्रत्याशियों से अलग पहचान दिलाई है।
रमेश यादव पुजारी इससे पहले तीन बार रामनगर मध्य से चुनाव मैदान में उतर चुके हैं, जबकि पिछले चुनाव में रामनगर पश्चिमी से उन्होंने किस्मत आजमाई थी। पिछली बार उन्हें बेहद मामूली मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता और जनसमर्थन में कोई कमी नहीं आई, बल्कि समय के साथ यह और मजबूत हुआ है।
पिछले चुनाव में विजयी प्रत्याशी संतोष यादव को अपनी ही ग्रामसभा का सीधा और संगठित समर्थन मिला, जबकि रमेश यादव पुजारी का स्वयं का गांव रामनगर पश्चिमी क्षेत्र में न होना उनके लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। इसके साथ ही कोरोना काल के नाजुक दौर में बीमारी के चलते वे अंतिम चरण के प्रचार में पूरी तरह सक्रिय नहीं रह सके, जिसका असर चुनाव परिणाम पर पड़ा।
हालांकि इस बार परिस्थितियां पूरी तरह बदली हुई हैं। रमेश यादव पुजारी लगातार जनता के बीच मौजूद हैं और सुख-दुख में हमेशा लोगों के साथ खड़े रहने वाले नेता के रूप में उनकी पहचान और मजबूत हुई है। उनकी ईमानदारी, स्वच्छ छवि और जनता के प्रति समर्पण उन्हें रामनगर पश्चिमी में पिछली बार रहे सभी प्रत्याशियों से अलग कतार में खड़ा करता है।
क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि रमेश यादव पुजारी ने हमेशा जनता के साथ ईमानदारी से व्यवहार किया है, और अब उसकी कीमत जनता उन्हें अपने मतों के माध्यम से चुकाने को तैयार नजर आ रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मौजूदा माहौल में रमेश यादव पुजारी रामनगर पश्चिमी सीट पर जीत के सबसे प्रबल दावेदार बनकर उभरे हैं।