अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकर नगर।
थाना अकबरपुर क्षेत्र में युवक पर हुए जानलेवा हमले ने पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बीते 11 जनवरी की रात मो० कैफ पर धारदार चाकू से कई वार किए गए, खून से लथपथ हालत में वह थाने पहुंचा, एफआईआर भी दर्ज हुई लेकिन इसके बाद कानून जैसे सो गया।
नामजद आरोपी समीर, मो० कैश, मो० कैफ पुत्र मो० हनीफ और उनके अज्ञात साथी आज भी इलाके में खुलेआम घूम रहे हैं। न गिरफ्तारी, न दबिश, न कोई सख्त कार्रवाई। सवाल यह है कि जब हत्या के प्रयास जैसा संगीन अपराध सामने है, तो पुलिस किसके इशारे पर हाथ पर हाथ धरे बैठी है?
पीड़ित का आरोप है कि हमलावर लगातार धमकी दे रहे हैं और ऊपर तक सेटिंग की बातें कर रहे हैं। डर के साए में जी रहा पीड़ित परिवार हर पल किसी अनहोनी की आशंका में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर चाकू से हमला होने के बाद भी आरोपी खुले घूमते रहें, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या मतलब रह जाता है? क्या अपराधियों को किसी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण का कवच मिला हुआ है?
अब सवाल सिर्फ मो० कैफ का नहीं, बल्कि पूरे जिले की कानून-व्यवस्था का है क्या पुलिस अपराधियों के सामने बेबस हो चुकी है या जानबूझकर आंख मूंदे बैठी है?
वही जब इस संबंध में अकबरपुर कोतवाली निरीक्षक श्रीनिवास पांडेय से टेलिफोनिक वार्ता करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं रिसीव हो सका।