उन्नत खेती व धरती माता बचाओ का दिया गया संदेश
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। कृभको अयोध्या की पहल पर 150 से अधिक किसानों को मिली आधुनिक कृषि की जानकारी
गयासपुर, जलालपुर (अम्बेडकर नगर)। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, सहकारी आंदोलन को मजबूती देने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के उद्देश्य से आज 18 जनवरी 2026 को गयासपुर, जलालपुर में ‘सहकारी सशक्तिकरण अभियान’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कृभको अयोध्या के क्षेत्रीय अधिकारी पवन पटेल के नेतृत्व में किया गया, जिसमें क्षेत्र के लगभग 150 किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रोहित साहू (अपर जिला कृषि अधिकारी, अम्बेडकरनगर) रहे। विशिष्ट अतिथियों में संदीप वर्मा (समाजसेवी व ब्लॉक अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी जलालपुर), महेंद्र प्रताप गौतम (कृषि वैज्ञानिक, फसल सुरक्षा, केवीके आजमगढ़), प्रदीप कुमार (कृषि वैज्ञानिक, केवीके पाती अम्बेडकर नगर), दीपांकर वर्मा (खाद्य एवं रसद विभाग, अयोध्या) तथा सुरेश चौधरी (अध्यक्ष, वी-पैक्स समिति, बरही मोहनपुर) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में क्षेत्रीय अधिकारी पवन पटेल ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कृभको द्वारा उपलब्ध उर्वरकों एवं उत्पादों की जानकारी देते हुए उनके सही एवं संतुलित प्रयोग पर बल दिया। साथ ही किसानों को मृदा परीक्षण के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि कृभको द्वारा निःशुल्क मृदा परीक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे किसान अपनी मिट्टी की वास्तविक स्थिति जानकर उत्पादन बढ़ा सकते हैं।
कृषि वैज्ञानिक महेंद्र प्रताप गौतम ने फसलों में लगने वाली बीमारियों एवं कीट-व्याधियों की पहचान व रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य अतिथि रोहित साहू ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील करते हुए कहा कि कम मात्रा में संतुलित खाद का प्रयोग कर ही धरती माता बचाओ अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने जैविक खेती, किसान हितैषी सरकारी योजनाओं तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
कृषि वैज्ञानिक प्रदीप कुमार ने आम की फसल में लगने वाले रोगों, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, जैविक खेती और उत्पादन को प्रभावित करने वाले कारकों पर किसानों को उपयोगी जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रीय अधिकारी पवन पटेल ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। किसानों ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक बताते हुए इसे खेती के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।




