
बस्ती। जनपद में एक शातिर युवक की हैरान कर देने वाली करतूत सामने आई है जिसने जिला प्रशासन को हिला कर रख दिया बता दें कि एनजीओ कि आड़ में खुद को सहायक जांच अधिकारी बताने वाले इस युवक भंडाफोड़ तब हो गया जब इसका पुलिस अधिकारियों की तरह प्रोसिडिंग अपनाया गया लेटर पैड सामने आया। बता दें कि सबसे हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि एक पत्र में पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट भेजी गई है जिसमें लिखा गया है कि दो अप्रैल सन् 2024 को दर्ज एक शिकायत की जांच सहायक जांच अधिकारी वीर प्रताप यादव द्वारा की गई।
आपको बताते चलें कि रिपोर्ट दावा किया गया है कि सर्विलांस टीम ने सीडीआर निकाला और एसओजी टीम के संयुक्त कार्यवाही में एक संदिग्ध को उठाया गया मगर चार अप्रैल सन् 2024 को साक्ष्य के अभाव में उसे छोड़ दिया गया। बता दें कि बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखि़र वह संदिग्ध व्यक्ति कौन था जिसको दो दिनों तक हिरासत में रखा गया इस प्रकरण के बाद पुलिस प्रशासन भी सकते में आ गया है। बता दें कि इस फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही इस युवक के कई और लेटर भी वायरल हो गया जिनकी जांच जारी है इतना ही नहीं इस शख्स के पुलिस कर्मियों के साथ तस्वीरें तथा वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिससे इस मामला और तूल पकड़ लिया है। बता दें कि उक्त प्रकरण को लेकर बहुजन मुक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष बुद्धेश राणा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप है ज्ञापन में कहा गया है कि आरोपी जालसाज ने ट्रूकालर पर अशोक लाट लगाकर राष्ट्रीय चिन्ह का घोर अपमान किया साथ ही लोगों को गुमराह करके अपना प्रभाव जमाने का कोशिश किया है इसलिए इसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।





