प्रमोद कुमार वर्मा
अम्बेडकरनगर (अवधी खबर)। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले के विभिन्न बी-पैक्स और सहकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के बाद परिवहन की घोर लापरवाही सामने आई है। वी पैक्स जिलाध्यक्ष वशिष्ठ कुमार शुक्ला ‘कैडेट’ ने आरोप लगाया है कि जिला प्रबंधकों की उदासीनता के कारण केंद्रों पर गेहूं का भारी अंबार लगा हुआ है और समय से उठाव न होने के कारण अनाज की गुणवत्ता लगातार गिर रही है।
सीधे FCI तक पहुंचना था गेहूं, अधिकारी बने बाधा
जिलाध्यक्ष वशिष्ठ कुमार शुक्ला के अनुसार, शासन के नियमानुसार क्रय केंद्रों से गेहूं की खरीद के बाद उसे सीधे भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में भेजा जाना अनिवार्य है। लेकिन जिले के जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। परिवहन व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते गेहूं गोदामों में ही जमा हो गया है, जिससे गोदामों में स्थान की कमी हो गई है और अनाज खुले में सड़ने की स्थिति में पहुँच गया है। केंद्रों पर तत्काल परिवहन व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, इसमें प्रमुख रूप से बी-पैक्स ताराखुर्द,
बी-पैक्स खजुरी करौदी, बी-पैक्स अटवाई शमसुद्दीनपुर, बी-पैक्स जलालपुर परशुरामपुर, बी-पैक्स भीटी, बी-पैक्स मूसेपुर एवं जिला सहकारी समिति अकबरपुर मंडी शामिल हैं।
जिलाध्यक्ष वशिष्ठ कुमार शुक्ला का कहना है कि यदि समय रहते परिवहन की व्यवस्था नहीं की गई और गेहूं बर्बाद हुआ, तो इसके लिए जिला प्रबंधक पीसीएफ , पीसीयू, यूपीएसएस के संबंधित अधिकारी के साथ परिवहन ठेकेदार और हैंडलिंग ठेकेदार को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अविलंब इन केंद्रों का निरीक्षण कर परिवहन की गाड़ी उपलब्ध कराने की मांग की है।
वही जब इस संबंध में एडीएम से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं रिसीव हो सका।




