अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। जनपद मुख्यालय पर भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के पास डॉक्टर भीमराव अंबेडकर प्रतिमा पर विरोध प्रदर्शन किया। तदुपरांत टाण्डा रोड होते हुए पटेल नगर तिराहा से बसखारी रोड कचेहरी होते हुए, डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा पर सदर उपजिलाधिकारी प्रतीक्षा सिंह को ज्ञापन सौंपा कर अपनी मांग रखा, इस दौरान सीओ सिटी, अकबरपुर कोतवाल राजेश कुमार सिंह, मौजूद रहें।
प्रदर्शनकारियों ने कहा की 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों पर हुए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच हो देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक एवं भती घोटालों के लिए केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफ तथा शिक्षा एवं भर्ती प्रणाली में व्यापक सुधार हेतु ज्ञापन।
जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्पति को भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं एवं युवाओं की पीड़ा और उनकी न्यायोचित मांगों को जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया। देश में पिछले कई वर्षों से NEET, JEE, पुलिस भर्ती, शिक्षक भती, रेलवे, SSC तथा अन्य अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक, भर्ती घोटालों और गंभीर अनियमितताओं की घटनाएँ सामने आ रही हैं।
इन घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के अविष्य, उनके परिश्रम और संविधान द्वारा प्रदत्त समान अवसर के अधिकार को गहरी चोट पहुँचाई है। वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष न हो तो युवाओं का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होता है। भीम आर्मी जिलाध्यक्ष धर्मवीर विद्यार्थी ने कहा की 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र एवं अभ्यर्थी शांतिपूर्ण ढंग से अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत पेपर लीक और भर्ती घोटालों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
किंतु उन पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया, जिसमें अनेक छात्र-छात्राएँ घायल हुए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति एवं शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार तथा मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। पेपर लीक की लगातार घटनाएँ यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार एवं संबंधित संस्थाएँ परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रही हैं। इससे देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में इतनी बड़ी प्रशासनिक विफलला पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
देश का युवा न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा कर रहा है। भीम आर्मी सदस्य जिला पंचायत राजेन्द्र गौतम ने मांग किया है की 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर छात्र एवं अभ्यर्थियों पर हुए बर्बरतापूर्ण पुलिस लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक अथवा स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।
लाठीचार्ज के आदेश देने वाले तथा के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले सभी जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आसपा जिलाध्यक्ष जयसिंह राणा ने कहा की आंदोलन में शामिल छात्रों एवं युवाओं के विरुद्ध दर्ज सभी मुकदमे एवं दमनात्मक कार्रवाई तत्काल वापस ली जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के उत्पीडन पर रोक लगाई जाए।
देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती घोटालों एवं परीक्षा प्रणाली की विफलताओं के लिए केंद्र सरकार की जवाबदेही तय की जाए। इन गंभीर विफलताओं की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें अथवा उन्हें पद से हटाया जाए, जिससे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसियों एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
पेपर लीक एवं भर्ती घोटालों में शामिल शिक्षा माफियाओं, अधिकारियों तथा अन्य दोषियों की संपत्ति जब्त कर उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूर्णतः पारदर्शी, सुरक्षित, तकनीकी रूप से मजबूत एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जाए, जिससे अविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएँ न हो सके। सभी सरकारी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए। भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक अभ्यर्थी को उत्तर पुस्तिका, उत्तर कुंजी, स्कोर कार्ड एवं आवश्यक परीक्षा अभिलेख उपलब्ध कराए जाएँ।
प्रतियोगी परीक्षाओं में लागू विवादित नॉर्मलाइजेशन प्रणाली एवं अन्य प्रक्रियाओं की समीक्षा कर छात्रों के हित में न्यायसंगत व्यवस्था लागू की जाए। आंदोलन के दौरान घायल छात्रों को समुचित चिकित्सा सहायता एवं उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। परीक्षा घोटालों एवं आंदोलन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण जिन छात्रों ने अपने प्राण गंवाए हैं, उनके परिवारों को सम्मानजनक आर्थिक सहायता एवं न्याय प्रदान किया जाए। देश का युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।
यदि उसके भविष्य के साथ बार-बार खिलवाड़ होगा, उसकी मेहनत पेपर लीक और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ेगी तथा अपनी आवाज उठाने पर उस पर लाठियों बरसाई जाएँगी, तो यह लोकतंत्र और संविधान दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हम आशा करते हैं कि आप इस अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर देश के करोड़ों युवाओं को न्याय दिलाने तथा भारत की परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने हेतु आवश्यक संवैधानिक कदम उठाया जाएं, अंत में प्रदर्शनकारियों की जीत हुई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया इसके बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
इस दौरान प्रदर्शन में मुकेश कुमार बौद्ध, रघुनाथ पटेल, अमन पटेल, अजय राना, नवनीत कुमार, बृजेश अम्बेडकर, एडवोकेट नरेन्द्र बहादुर, परशुराम पटेल, डॉ0 रामशकल निषाद, नंदलाल भारती, रवि, सुनील शायर, देवेंद्र कुमार सिंगर, डीके रेनू,सहित अन्य लोगों बड़ी संख्या में शामिल रहे।




