तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश सिंह की पहल से हुआ था सौंदर्यीकरण, पर्यटन विभाग ने भी कराए कई कार्य; जिलाधिकारी के निरीक्षण बावजूद रखरखाव पर सवाल
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर(प्रमोद वर्मा)। श्रवण क्षेत्र धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश सिंह के कार्यकाल में कई विकास एवं सौंदर्यीकरण के कार्य कराए गए थे। वहीं, पर्यटन विभाग की ओर से भी धाम परिसर में कई कार्य कराए गए हैं। भगवान श्रीराम, भोले शंकर और हनुमान जी की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ आसपास आकर्षक सजावटी लाइटें लगाने के साथ फर्श पर मैट बिछाई गई थी। श्रद्धालुओं के बैठने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। हालांकि, समय बीतने के साथ ही इन व्यवस्थाओं की हालत खराब होने लगी है।
श्रवण धाम परिसर में भगवान श्रीराम की प्रतिमा के आसपास बिछाई गई मैट कई स्थानों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे न केवल धाम की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि श्रद्धालुओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। जिस उद्देश्य से इन व्यवस्थाओं को विकसित किया गया था, उनके रखरखाव में लापरवाही के चलते अब उनकी स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
धाम परिसर में कई स्थानों पर सजावटी लाइटों के तार टूटकर जमीन पर पड़े हुए हैं। बिजली से जुड़े तारों की इस तरह की स्थिति किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती है। धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं के साथ छोटे छोटे बच्चो का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में जमीन पर बिखरे तार सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय हैं। यदि समय रहते इन तारों को व्यवस्थित कर उनकी जांच और मरम्मत नहीं कराई गई, तो कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
मौजूदा जिलाधिकारी ईशा प्रिया द्वारा श्रवण धाम का पूर्व में निरीक्षण किया जा चुका है। इसके बावजूद खराब मैट और जमीन पर टूटे पड़े सजावटी लाइटों के तारों की समस्या का समाधान होता दिखाई नहीं दे रहा है। सवाल यह है कि निरीक्षण के दौरान इन कमियों पर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर क्यों नहीं पड़ रही है? समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान दिया जाता, तो धाम की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के साथ संभावित दुर्घटनाओं के खतरे को भी कम किया जा सकता था।
बताया जाता है कि श्रवण धाम में तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश सिंह की पहल पर विशेष निधि से भी विकास एवं सौंदर्यीकरण के कार्य कराए गए थे। इसके अतिरिक्त पर्यटन विभाग की ओर से भी कई कार्य कराए गए हैं। ऐसे में धाम परिसर में कराए गए विकास कार्यों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए खराब मैट की मरम्मत, टूटे तारों को दुरुस्त करने तथा विद्युत व्यवस्था की जांच कराने की आवश्यकता है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या का संज्ञान लेकर कब तक आवश्यक कार्रवाई करते हैं, ताकि धार्मिक स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।




