अवधी खबर संवाददाता
कटेहरी(अम्बेडकर नगर)।
देव इंद्रावती महाविद्यालय के में एनएसएस के विशेष शिविर के सातवे दिन समापन कार्यक्रम का शुभारम्भ देव इंद्रावती महाविद्यालय कटेहरी के प्रबंधक बीजेपी अम्बेडकर नगर के ज़िला उपाध्यक्ष डा राना रणधीर सिंह निदेशिका डा रंजना सिंह सचिव राजेश सिंह प्राचार्य डा ए बी सिंह के कर कमलो द्वारा सरस्वती व विवेकानंद जी के चित्र पटल पर माल्यार्पण व धूप दीप कर किया गया। मुख्य अतिथियों का स्वागत चारों कार्यक्रम अधिकारी डा तेज भान मिश्रा डॉ अमित पाण्डेय सुधीर पाण्डेय शिल्पी जायसवाल ने माल्यार्पण व कुमकुम लगाकर किया। डा राना रणधीर सिंह ने कहा दहेज शादी के समय दुल्हन के ससुराल वालों को लड़की के परिवार द्वारा नकद या वस्तु के रूप में किया जाने वाला भुगतान है। लैंगिक भेदभाव और अशिक्षा दहेज़ प्रथा का प्रमुख कारन है।दहेज प्रथा के ख़िलाफ़ दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
इस अधिनियम के तहत, दहेज की मांग करने पर छह महीने से लेकर दो साल तक की जेल या दस हज़ार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। दहेज से जुड़े मामलों में, पुलिस से संपर्क किया जा सकता है।दहेज से जुड़े मामलों में, वकील से सलाह ली जा सकती है। निदेशिका डॉ रंजना सिंह ने कहा बेटियों को शिक्षित करना चाहिए। बेटियों को अपने करियर के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। बेटियों को आज़ाद और ज़िम्मेदार होना सिखाना चाहिए। बेटियों के साथ भेदभाव न करना चाहिए। सचिव राजेश सिंह ने कहा दहेज देने या लेने की प्रथा को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।
समुदाय में पुरुषों और महिलाओं, गांव के वृद्ध और नेता, माता-पिता, युवा, किशोर लड़कियां, बच्चों के समूहों, शिक्षकों और मजदूरों के बीच इस मुद्दे को समर्थन देने वाले सहयोगी ढूंढने चाहिए। विवाह में विलंब करने के लिए सरकार द्वारा चलाए गए विभिन्न प्रोत्साहन कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में लोगों को बताना चाहिए. स्कूलों और कॉलेजों में दहेज प्रथा के ख़िलाफ़ जागरूकता फैलाना.प्राचार्य ए बी सिंह ने कहा बाल विवाह को रोकने के लिए किशोर पुलिस यूनिट का गठन करना।
किशोर पुलिस यूनिट को स्कूलों, स्वास्थ्य एजेंसियों और पंचायतों के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
डॉ तेज भान मिश्रा ने कहा बेटियों को शिक्षित करके
बेटियों को अपने करियर के लिए प्रोत्साहित करना।
बेटियों को आज़ाद और ज़िम्मेदार बनाकर
बेटियों के साथ बिना भेदभाव के समानता का व्यवहार करके दहेज देने या लेने की प्रथा को समाप्त किया जा सकता है।बौद्धिक सत्र में संस्कृत के प्रवक्ता आर पी सिंह ने कहा चारित्रिक विकास करके अपने ज्ञान के बल पर पुनः विश्व गुरु बन सकते हैं. इस अवसर कर स्वयं सेवकों ने स्वागत गीत सरस्वती वंदना लोकगीत एकांकी प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन प्राचार्य ए बी सिंह डा साधना श्रीवास्तव डा बीरबल शर्मा के द्वारा एनएसएस ध्वजा अवरोहन करके किया गया।





