वन दरोगा सही जानकारी देने से करते रहे टाल मटोल
प्रमोद कुमार वर्मा
अंबेडकरनगर (अवधी खबर)। जिले में लगातार पेड़ों की कटान जारी है। लकड़ी माफियाओं द्वारा जिले को मरुस्थल बनाने का कार्य किया जा रहा है।
विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है आखिर इतने बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटान कैसे हो जा रही है। क्या जिम्मेदारो के कान में इसकी भनक नहीं पहुंचती है या फिर जानकर भी अनजान बने बैठे हैं।

जनपद में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में वृक्षारोपण होता है लेकिन हरियाली धरातल पर नहीं दिखाई पड़ती है वही जिम्मेदार अधिकारी धरती पर हरियाली फैला रहे हरे पेड़ पौधों को कटवा कर नष्ट करवा दे रहे हैं और धीरे-धीरे अंबेडकरनगर जनपद मरुस्थल की तरह तब्दील होता जा रहा है।
ताजा मामला जनपद मुख्यालय से जुड़ा है जहां कई दिनों से रात के अंधेरे में प्रतिबंधित पेड़ों की कटान की जा रही थी करीब डेढ़ दर्जन से अधिक सागौन के पेड़ को काटकर लकड़ी माफिया के द्वारा उठा ले जाया गया जिसकी भनक न तो वन विभाग को लगी और न ही पुलिस महकमा को इसकी जानकारी हुई। संबंधित मामला टांडा रोड से इल्तिफातगंज रोड को मिलने वाली महमदपुर सड़क का है।
सड़क से इल्तिफातगंज रोड पर पहुंचने से पहले ही सड़क किनारे लगे इन सागौन के पेड़ को ठेकेदार के द्वारा विभाग की मिली भगत से काटा गया था। गुरुवार को संबंधित क्षेत्रीय वन दरोगा को फोन कर अवगत कराया गया और जानकारी हासिल की गई तो उनके द्वारा शाम तक टालमटोल किया जाता रहा और सही जानकारी देने से इतराते रहे।
इतना ही नहीं शाम होते ही ठेकेदार विभाग की मिली भगत से दोबारा रात के अंधेरे में पेड़ काटना शुरु कर दिया और मौके पर जेसीबी ट्रैक्टर लाकर पेड़ को तुरंत काट कर लाद ले गया साथ ही साक्ष्य मिटाने के लिए जड़ों को उखाड़ कर फेंक दिया। आखिर जिनके जिम्मे पर्यावरण को सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी सौंप गई है अगर वही इस खेल में शामिल हो जाएंगे तो पर्यावरण की सुरक्षा कैसे हो पायेगी।





