संगठित गिरोह गरीब भोली- भाली जनता को लालच देकर उनकी जमीन का रजिस्ट्री करा लेने का करते थे कार्य
अंबेडकरनगर।अकबरपुर कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संगठित गिरोह के इन लोगो द्वारा गरीब भोली भाली जनता को लालच देकर उनकी जमीन का रजिस्ट्री करा लेने का कार्य किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार जनपद के अकबरपुर पुलिस टीम द्वारा पीड़िता सुनीता देवी पत्नी प्रदीप कुमार नि० ग्राम राबीपुर बहाउद्दीनपुर कोतवाली के पति का अपहरण कर मारपीट व डरा धमका कर फर्जी तरीके से जमीन का बैनामा करा लेने के सम्बन्ध मे पंजीकृत मुकदमे में अभियुक्त
राजेश सिंह उर्फ बबलू पुत्र स्व० चन्द्रभान सिंह उम्र 49 बर्ष निवासी कृष्णानगर निकट इन्द्रलोक कालोनी थाना को0 अकबरपुर,प्रदीप कुमार पुत्र रामफल उम्र 35 बर्ष निवासी गौहन्ना थाना अकबरपुर,विनोद कुमार पुत्र जयप्रकाश उम्र 42 बर्ष निवासी शास्त्री नगर गदाया थाना कोतवाली अकबरपुर, पवन पुत्र जयप्रकाश उम्र 36 बर्ष निवासी शास्त्री नगर गदाया थाना कोतवाली अकबरपुर,मो0 अनीश पुत्र मो0 नकी उम्र 40 वर्ष निवासी मुरादाबाद रेलवे स्टेशन थाना कोतवाली अकबरपुर व योगेन्द्र कुमार पुत्र दयाराम विश्वकर्मा उम्र 37 वर्ष निवासी रतनपुर थाना कोतवाली अकबरपुर जनपद अम्बेडकरनगर को मुखबिर की सूचना पर गौहन्ना बाईपास से गिरफ्तारी करते हुए समय करीब 13.55 बजे हिरासत पुलिस मे लिया गया।
उल्लेखनीय है उपरोक्त अभियुक्तगण का एक संगठित गिरोह है जो भोले-भाले व्यक्तियो को बहला फुसला कर अपने बस मे करके उनकी कीमती जमींन को औने-पौने भाव मे खरीद लेते है। उल्लेखनीय है कि अभियुक्त प्रदीप कुमार गौड तथा योगेन्द्र कुमार द्वारा वादिनी सुनीता के पति प्रदीप से एग्रीमेन्ट कराये जिसमे इस बात का फर्जी तौर पर यह उल्लेख किया गया कि उभय पक्ष अर्थात दोनो पक्ष अनुसूचित जाति के नही है। इस प्रकार दूसरे व्यक्ति बबलू सिंह द्वारा पीड़िता सुनीता के पति के नाम 2 लाख का चेक दे कर एक लाख रुपया अग्रिम रजिस्टर के खर्च के रूप मे पुनः ले लिया गया था। करोडो के मालियत की जमीन को बहुत ही कम धनराशि जो पवन कुमार और विनोद कुमार के नाम से गवाह के तौर पर एक सोची समझी रणनीति के तहत एक संगठित गिरोह है।
जिसमे सभी लोग गवाह के रूप मे सम्मिलित हो करके पीड़िता के पति से जमीन को रजिस्टर्ड करा लिया गया तथा कीमती जमीन के मुल्य के रुप मे मात्र कुल 40 लाख रु. का चेक देकर यह भ्रमित किया गया कि आपको एक महीने बाद हम लोग और पैसे उपलब्ध करा देगे। चेक को जब रुपये निकासी हेतु बैंक में म प्रस्तुत किया गया तो क्रेता के खाते में कोई धनराशि नही थी इस प्रकार विक्रेता प्रदीप कुमार अपने पैसे के लिये चारो तरफ मांग करने लगा विपक्षीगण द्वारा क्रेता को अपृहत कर लगभग 2 करोड की जमीन को 40 लाख रु. मे सिर्फ चेक दे कर रजिस्टर्ड करा लिया गया तथा विक्रेता प्रदीप कुमार को अपनी जमीन का अभी तक कोई मूल्य प्राप्त नही हुआ।
इस प्रकार अभियुक्तगणो का एक संगठित गिरोह है जो गरीब व भोले-भाले व्यक्ति को लालच देकर जमीन की रजिस्टरी करा लेने का यह धन्धा जनपद मे चल रहा था जिस पर भूमाफियो के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जा रही है। विक्रेता अपनी पत्नी के साथ पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित हो कर प्रार्थना पत्र देकर अभियोग पंजीकृत कराया गया। जिसके आधार पर अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।





