अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। जनपद की तहसील अकबरपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा गोहन्ना में सरकारी भूमि पर कब्जे के प्रयास का मामला सामने आया है। गाटा संख्या 614 (ग) रकबा लगभग साढ़े पांच बीघा भूमि को एक व्यक्ति द्वारा फर्जी तरीके से अपने नाम दर्ज कराकर दर्जनभर परिवारों को बेदखल कराने की कोशिश किए जाने का आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार ग्राम गोहन्ना निवासी देवनारायण पुत्र रामकिशोर ने कथित रूप से वर्ष 1997 के आसपास उक्त भूमि को अपने नाम दर्ज करा लिया था, जबकि इस भूमि पर पूर्व से लगभग एक दर्जन परिवार निवास करते चले आ रहे हैं। इसके बाद देवनारायण द्वारा न्यायालय में वाद दाखिल कर इन परिवारों को बेदखल कराने का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि हाल ही में न्यायालय द्वारा एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए पीड़ित परिवारों को बेदखली का नोटिस जारी कर दिया गया।
बेदखली नोटिस मिलने के बाद पीड़ित परिवारों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई। प्रशासनिक जांच के दौरान उक्त भूमि मौके पर बंजर पाई गई, जिसे खतौनी में उपजिलाधिकारी अकबरपुर द्वारा सरकारी भूमि घोषित करते हुए देवनारायण पुत्र रामकिशोर का नाम अभिलेखों से हटा दिया गया। पीड़ित परिवारों ने संबंधित आदेश की नकल भी प्राप्त कर ली है।
इसके बावजूद पीड़ितों का आरोप है कि बुधवार को सायंकाल लगभग 5 बजे न्यायालय की ओर से पुनः नोटिस प्राप्त हुआ, जिसमें गुरुवार को सुबह 10 बजे तक मकान खाली करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि निर्धारित समय तक मकान खाली न करने की स्थिति में प्रशासनिक बल प्रयोग कर देवनारायण को कब्जा दिलाया जाएगा।
पीड़ित परिवारों में इस नोटिस को लेकर भय और आक्रोश का माहौल है। उनका कहना है कि जब भूमि को प्रशासन द्वारा सरकारी घोषित किया जा चुका है और नाम खतौनी से हटाया जा चुका है, तो बेदखली की कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। पीड़ित पक्ष ने मामले में उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।
फिलहाल मामला प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, और प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





