प्रशासन पर गंभीर आरोप, “देवरिया जैसे कांड को बढ़ावा दे रहा सिस्टम”
बस्ती। जनपद बस्ती के थाना सोनहा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छनवतिया में चकमार्ग की आड़ में किए जा रहे अवैध खड़ंजा निर्माण का मामला अब बेहद संवेदनशील और गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्राम प्रधान और ठेकेदार पर आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर निजी भूमि पर जबरन खड़ंजा निर्माण कराया जा रहा है, जिससे एक किसान की खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
ग्राम छनवतिया निवासी संजय चौधरी पुत्र स्व. संतराम चौधरी का कहना है कि उनकी आराजी संख्या 321 व 287 से चकमार्ग जा रहा है, जबकि वास्तविक केवल आराजी संख्या 23 व 82 एयर से होकर गुजरता है, जिसकी निर्धारित चौड़ाई मात्र दो मीटर है। इसके बावजूद ग्राम प्रधान और ठेकेदार द्वारा उनकी आराजी संख्या 286 व 284 में संबंधित भूमि पर संजय चौधरी, संदीप चौधरी व श्रीमती जोहरा देवी के नाम से रजिस्टर्ड भूमि पर तीन से चार मीटर तक जबरन अतिक्रमण कर रातों-रात खड़ंजा बिछा दिया गया।
पीड़ित किसान का आरोप है कि इस अवैध निर्माण से उसकी खड़ी फसल नष्ट हो गई, साथ ही भूमि का रकबा कम होने से भविष्य में भारी आर्थिक क्षति तय है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह पूरा निर्माण कार्य बिना किसी पूर्व सूचना, सीमांकन और वैधानिक प्रक्रिया के कराया गया।
पीड़ित का कहना है कि वह कई बार थाना, तहसील और प्रशासन के अधिकारियों के पास न्याय की गुहार लगा चुका है, लेकिन हर जगह से उसे केवल आश्वासन या टालने वाला जवाब ही मिला। लेखपाल से शिकायत करने पर कहा गया कि उप जिलाधिकारी से बात करें, जबकि उप जिलाधिकारी से संपर्क करने पर यह कहकर पल्ला झाड़ लिया गया कि “स्टे देना कोर्ट का काम है, हम कुछ नहीं कर सकते।”
पीड़ित ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाना और प्रशासन ऐसे मामलों में हस्तक्षेप न कर देवरिया जैसे कांड को बढ़ावा देने में माहिर नजर आ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, तो विवाद बढ़ता है और हालात हिंसक रूप ले लेते हैं।
पीड़ित का कहना है कि अब वह अपनी ही जमीन को बचाने के लिए दर-दर भटक रहा है। जिस भूमि को उसके पुरखों ने वर्षों की मेहनत से संजोया, आज उसी जमीन पर अपने ही बिरादरी के ग्राम प्रधान द्वारा कब्जा कराकर व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जो अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है।

पीड़ित ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस मामले में कोई बड़ी दुर्घटना या अप्रिय घटना होती है, तो उसके लिए ग्राम प्रधान, संबंधित राजस्व कर्मी और पूरा प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद यदि प्रशासन मौन है, तो यह उसकी लापरवाही और मिलीभगत को दर्शाता है।
अंततः पीड़ित ने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को प्रार्थना-पत्र भेजकर अवैध खड़ंजा निर्माण तत्काल रुकवाने, भूमि का निष्पक्ष सीमांकन कराने और दोषी ग्राम प्रधान, ठेकेदार व लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन समय रहते कदम उठाकर मामले को शांत करता है या फिर किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेगा।





