मंच संचालन से मोटिवेशन तक डॉ० तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु की अलग पहचान

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अवधी खबर संवाददाता

अम्बेडकरनगर । अपनी क़ामयाबी का क़िस्सा मैं ही तुझे सुनाऊं कैसे । मेरी क़ामयाबी का क़िस्सा तुम दूसरों से सुनो तो अच्छा है। चर्चित कवि व मंच संचालक डॉ० तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु का यह शेर उनके स्वयं के किरदार की मुकम्मल तस्वीर है । पेशे से परिषदीय शिक्षक जिज्ञासु के शौक के पैमाने पर कविता एवं साहित्य की महफ़िलें , कवि सम्मेलन एवं मुशायरे हैं ।

जिज्ञासु की साहित्यिक शौक का नतीजा है कि अब तक उनके दर्जनों काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें व्यक्तिगत एवं साझा काव्य संग्रह शामिल हैं । शैक्षिक , साहित्यिक एवं सांस्कृतिक योगदान के दृष्टिगत जिज्ञासु अब तक कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित हो चुके हैं । प्रकाशित पुस्तकों में एक आईना जिज्ञासु की कलम से , मन का आंगन , एहसास दीप , जज़्बात जिज्ञासु के , जिज्ञासु के अल्फ़ाज़ , जिज्ञासु के दोहे , अपराजिता , हरसिंगार , गीत गूंजते हैं , मधुमालती , कोविड-19 , दोहा सागर , काव्य ज्योति , जहां न पहुंचे रवि , आया कोरोना मत डरोना , साहस , कोहिनूर , गुलबहार आदि व्यक्तिगत एवं साझा काव्य संग्रह हैं ।

सम्मानों की सूची में साहित्य गौरव सम्मान , श्रद्धा साहित्य गौरव सम्मान , तुलसी मीर सम्मान , साहित्य सारथी सम्मान , युवा शक्ति सम्मान वर्ष 2020 , कोरोना योद्धा सम्मान , योद्धा रत्नम अवार्ड , समीक्षा गुरु सम्मान , सृजन श्री सम्मान , ज्ञानोदय प्रतिभा सम्मान 2020 , साहित्य भूषण सम्मान , कमलेश्वरी मंडल स्मृति काव्य दूत सम्मान , प्रेमचंद सम्मान , हिंदी रत्न सम्मान , पंडित दीनदयाल उपाध्याय साहित्य सम्मान , हिमालयन रत्न सृजन सम्मान , राजा लक्ष्मेश्वर सिंह स्मृति किसान दिवस सम्मान , पुलिस लाइन गणतंत्र दिवस प्रशस्ति पत्र , अंबेडकर नगर महोत्सव 2022 प्रशस्ति पत्र , श्री राधा माधव भक्ति रस सम्मान , काव्य शिरोमणि सम्मान , श्री रामधारी सिंह दिनकर सम्मान , श्री राम साहित्य सम्मान 2024 , विद्या वाचस्पति मानद उपाधि , सर्वदलीय गौ भक्त स्मृति सम्मान , पर्यावरण जागरूकता स्मृति सम्मान , विद्यासागर मानद उपाधि , काव्य साधक सम्मान , प्रणय रत्न सम्मान , श्रेष्ठ संचालक सम्मान , वाणी भूषण सम्मान , साहित्य शिरोमणि सम्मान 2024 , चंद्रा हिंदी गौरव सम्मान 2024 मातृ दिवस अभिनंदन सम्मान एवं अन्य साहित्यिक सम्मान शामिल हैं ।

जनपद के साहित्य प्रेमियों बुद्धिजीवियों एवं युवाओं का मानना है की डॉ० जिज्ञासु जैसे व्यक्तित्व नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं । उनके योगदान से न केवल अंबेडकरनगर का गौरव बढ़ा है बल्कि जिले को शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में एक नई पहचान भी मिली है ।


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