अवधी खबर संवाददाता
परसरामपुर (बस्ती)। विकासखंड परसरामपुर की ग्राम पंचायत मड़रिया बाबू में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा प्रबंधन के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से निर्मित आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) बदहाली का शिकार हो गया है। केंद्र की जमीनी हकीकत तस्वीरों में साफ दिखाई दे रही है, जहां न तो नियमित संचालन हो रहा है और न ही रखरखाव की कोई व्यवस्था नजर आती है।
आरआरसी सेंटर में सूखा व गीला कचरा, प्लास्टिक, कागज और लोहे के लिए बनाए गए चैंबर टूट-फूट का शिकार हैं। दीवारों का प्लास्टर झड़ चुका है, फर्श पर गंदगी और मलबा जमा है। सबसे गंभीर बात यह है कि केंद्र का मुख्य गेट अधूरा है—गेट का केवल आधा हिस्सा ही लगा हुआ है, जबकि आधा पूरी तरह गायब है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह आरआरसी सेंटर केवल कागजों और सरकारी रिपोर्टों में संचालित दिखाया जा रहा है, जबकि हकीकत में यहां कोई कार्य नहीं होता। खुले परिसर में चोरी और नुकसान की आशंका बनी रहती है, लेकिन जिम्मेदारों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
इस संबंध में जब अधिकारियों से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने पूर्व में एक अन्य ग्राम पंचायत के संबंध में पूछे गए सवाल पर बयान देने से इनकार करते हुए कहा था कि वह इस विषय में कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे, वहीं ग्राम पंचायत सचिव राज मंगल दुबे ने कहा कि “जो आपको लिखना हो लिख दीजिए, विभागीय चिट्ठी आएगी तो उसका जवाब दिया जाएगा।
जबकि ग्राम पंचायत प्रधान सहदेव वर्मा से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। ग्रामीणों ने मांग की है कि आरआरसी सेंटर के निर्माण, लागत, गेट गायब होने और संचालन की जांच कराई जाए तथा दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य सिर्फ कागजों तक सीमित न रह जाए।