प्रमोद कुमार वर्मा
अम्बेडकरनगर (अवधी खबर)।
थाना मालीपुर क्षेत्र के ग्राम घुरहूपुर में सरकारी संपत्ति पर लगे सूखे आम के पेड़ को काटने और उसकी लकड़ी ले जाने का मामला अब गंभीर आरोपों और प्रशासनिक सवालों के बीच फंसता नजर आ रहा है। पीड़ित का आरोप है कि सरकारी जमीन पर स्थित आम के पेड़ को दबंगों ने काट लिया, लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित मनोज सिंह पुत्र जगदम्बा प्रसाद सिंह के अनुसार, जब उसने आम के पेड़ की लकड़ी ले जाने का विरोध किया तो उसके पट्टीदारों द्वारा गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी गई। इसके बाद उसने थाना मालीपुर में लिखित शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले को दबाने का प्रयास किया।
हल्का दरोगा पर लकड़ी मांगने का गंभीर आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़ित ने आरोप लगाया कि थाने के हल्का दरोगा शत्रुघ्न सिंह ने मामले को निपटाने के नाम पर आम की लकड़ी का एक मोटा टुकड़ा मांगने का दबाव बनाया। पीड़ित का दावा है कि उसने इस बातचीत की क्लिप भी सुरक्षित कर ली है, जिससे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग और तेज हो गई है।
दोषियों पर कार्रवाई की जगह पीड़ित पर ही चालान
पीड़ित का यह भी आरोप है कि विपक्षी पक्ष के प्रभाव में आकर पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे ही धारा 151 के तहत चालान कर दिया। इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित बल्कि ग्रामीणों में भी रोष व्याप्त है।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई ऑनलाइन शिकायत
न्याय न मिलने से आहत पीड़ित ने पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मी की भूमिका की जांच, निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की गई है।
न्याय व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी संपत्ति के नुकसान और खुलेआम दबंगई के मामलों में भी पीड़ित को ही आरोपी बना दिया जाएगा, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। फिलहाल पूरे प्रकरण पर जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की नजर टिकी हुई है।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आता है या नहीं, और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाता है।





