अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकर नगर।
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार के सार्वभौमिक मानकों के स्थानीय उपयोग विषय पर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज, जाफरगंज में किया गया। कार्यक्रम में जाफरगंज एवं आसपास के विभिन्न गांवों से 108 प्रतिभागियों ने सहभागिता की और हर बेटी को सशक्त बनाना तथा एक मजबूत भारत का निर्माण करने का संकल्प लिया।
यह परिचर्चा किशोरी बालिका सशक्तिकरण कार्यक्रम, अम्बेडकरनगर एवं जन विकास केन्द्र, भितरीडीह के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था की सचिव गायत्री ने कहा कि हमारी बेटियाँ हमारे जीवन की रोशनी हैं और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। महिलाओं का सम्मान ही एक सशक्त समाज की नींव है। उन्होंने बताया कि भारत में हर वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2008 में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी।
लीगल एक्टिविस्ट मनोज कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, कल्याण एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि लिंग आधारित भेदभाव आज भी महिलाओं के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस दिवस के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण की आवश्यकता को लेकर समाज में जागरूकता फैलाई जाती है।
उन्होंने महिलाओं के अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शारीरिक अखंडता एवं स्वायत्तता का अधिकार, यौन हिंसा से मुक्त जीवन, मतदान का अधिकार, सार्वजनिक पद धारण करने का अधिकार, कानूनी अनुबंध करने का अधिकार, पारिवारिक कानून में समानता, कार्य करने तथा समान वेतन का अधिकार ये सभी अधिकार प्रत्येक महिला को मिलना चाहिए।
परिचर्चा में कम्युनिटी मोबिलाइज़र गुलशन कुमार ने सुकन्या समृद्धि योजना, कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी दी। वहीं निरकला एवं अनुपम ने प्रेरणादायक गीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
परिचर्चा सत्रों का संचालन धीरेन्द्र एवं छोटेलाल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में चांदनी, गीतिका, शिवानी, नित्या सिंह, पूजा सिंह, रामतीरथ कनौजिया सहित अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।





