अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
भीटी तहसील क्षेत्र के ग्राम दुल्लापुर में स्थित गाटा संख्या 851 के तालाब की नीलामी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। करीब 50 घरों की दलित बस्ती के लोगों ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर नीलामी निरस्त किए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि उक्त तालाब उनके घरों के बीच स्थित है और वर्षों से बस्ती के नाबदान व बरसाती पानी का एकमात्र निकास स्थल है।
आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को तालाब की नीलामी गांव के एक व्यक्ति के पक्ष में कर दी गई। नीलामी के बाद से कथित रूप से पानी का बहाव रोकने की धमकी दी जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि यह तालाब वर्तमान में ‘अमृत सरोवर’ योजना के तहत खुदाई एवं सौंदर्यीकरण कार्य में भी शामिल है। ऐसे में आबादी के बीच स्थित सार्वजनिक उपयोग के जलस्रोत की नीलामी को वे पूरी तरह अनुचित बता रहे हैं।
उनका कहना है कि यदि नाबदान और बरसाती पानी का बहाव रोका गया तो पूरी बस्ती जलभराव की समस्या से जूझेगी। ग्रामीणों में रमाशंकर, आँचल, शीलादेवी, खुशीराम, भोरई गौड़, राजकली, विजय कुमार, रामनयन, राजजनम, राम भवन, अंकित, मंजू, सुरेंद्र कुमार, माया, रामय, प्रेमलता, भगवान, सुनौल, मीना, जितेंद्र प्रसाद व अन्य ने संयुक्त हस्ताक्षर कर तहसील प्रशासन से मांग की है कि आबादी के बीच स्थित इस तालाब की नीलामी तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नीलामी रद्द नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है। जब इस संबंध में एसडीएम भीटी से वार्ता करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बताया की मैं डीएम साहब के मीटिंग में अभी हूं बाद में बात करते है।




