अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। प्रदेश सरकार द्वारा दस्तावेजों के पंजीकरण कार्य को निजी संस्थाओं के माध्यम से संचालित किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में टांडा तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालय में दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता एवं मुंशी लगातार तीसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखते हुए मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उप निबंधक को सौंपा और अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।
ज्ञापन में महानिरीक्षक निबंध एवं स्टाम्प द्वारा जारी ऑनलाइन रजिस्ट्रीकरण दस्तावेज नियमावली-2024 का विरोध करते हुए कहा गया कि प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर प्रदेश भर के हजारों दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता तथा उनसे जुड़े लोगों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उनका आरोप है कि नई व्यवस्था में दस्तावेज लेखकों की भूमिका को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
धरनारत लोगों ने मांग की कि दस्तावेज लेखकों को भी ई-पंजीकरण प्रक्रिया में अधिकृत एजेंट एवं यूजर के रूप में पंजीकृत किया जाए। साथ ही प्रेरणा पोर्टल पर यूजर आईडी और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे पूर्व की भांति अपनी सेवाएं दे सकें।
प्रदर्शनकारियों ने दस्तावेज लेखकों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था करने तथा बायोमेट्रिक उपकरण खरीदने हेतु अनुदान प्रदान करने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि फ्रंट ऑफिस योजना को लेकर विभिन्न प्रकार की भ्रांतियां फैली हुई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश और सूचना पत्र जारी करना चाहिए।
धरने में शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इस दौरान उप निबंधक कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन को लेकर दिनभर हलचल बनी रही।




