अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकर नगर। श्री अन्न के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से श्री अन्न पुनरोद्धार कार्यक्रम 2026-27 के तहत जनपद के विभिन्न विकास खंडों में स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर एक दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की प्रथम पाली बीआरसी जहांगीरगंज और द्वितीय पाली बीआरसी रामनगर में हुई। प्रशिक्षण में करीब 60 पुरुष एवं महिला शिक्षकों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र पांती, अम्बेडकर नगर के शस्य वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार कनौजिया ने शिक्षकों को श्री अन्न के पोषण संबंधी गुणों और स्वास्थ्य के लिए इसके महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ज्वार, बाजरा, रागी के साथ ही कोदो, कुटकी, सांवा, कंगनी और चीना जैसे मिलेट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इन्हें दैनिक भोजन में अलग-अलग व्यंजनों के रूप में शामिल कर पौष्टिक आहार को बढ़ावा दिया जा सकता है।
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि प्रशिक्षण में मिली जानकारी को विद्यालयों में छात्र-छात्राओं तक पहुंचाएं। विद्यार्थियों के माध्यम से अभिभावकों और परिवारों को भी श्री अन्न के नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि “विद्यालय से विद्यार्थी और विद्यार्थी से परिवार” की पहल के जरिए श्री अन्न के उपयोग का संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन के जिला तकनीकी सलाहकार अनुज कुमार सिंह, प्रधान सहायक संजीव राय, विकास सिंह समेत संबंधित विकास खंडों के कृषि विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने श्री अन्न से तैयार होने वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों, उनके पोषण मूल्य और दैनिक आहार में उपयोग की जानकारी ली। साथ ही विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को मिलेट्स के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।




