मनरेगा में फोटो घोटाला! सुलेमपुर परसांवा गांव में सरकारी धन की खुली लूट, महिला के नाम पर पुरुष कर रहे काम

Spread the love

अवधी खबर संवाददाता

अम्बेडकरनगर (प्रमोद वर्मा)।
बसखारी विकासखंड की ग्राम पंचायत सुलेमपुर परसांवा से मनरेगा योजना में भारी अनियमितता और फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव में मनरेगा के अंतर्गत मजदूरों की उपस्थिति दर्शाने वाले मास्टर रोल में एक ही फोटो को कई बार अपलोड कर सरकार को लाखो की चपत लगाई जा रही है।

जुटाए गए साक्ष्यों और मास्टर रोल की कॉपी से खुलासा हुआ है कि काम पर उपस्थिति दिखाने के लिए बार-बार एक ही तस्वीरों को अलग-अलग तारीखों के मास्टर रोल में अपलोड किया गया है। फोटो में जिनकी उपस्थिति दर्ज हो रही है, वे या तो वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद नहीं थे, या उनके स्थान पर कोई और कार्य कर रहा था। कहीं एक ही दिन के अलग-अलग मास्टर रोल में अपलोड फोटो में एक ही व्यक्ति दिखाई पड़ रहे हैं। केवल उनका स्थान फोटो में आगे पीछे हो गया है।

फोटो की हेराफेरी, नामों की बाजीगरी

24 जुलाई के मास्टर रोल 2125 में जो फोटो अपलोड की गई, वही फोटो 25 जुलाई के मास्टर रोल 2123, 2124, 2125 में दोहराई गई। 27 जुलाई के मास्टर रोल 2124 में केवल 10 पुरुष फोटो में दिखाई पड़ रहे हैं, फिर भी हाजिरी में 6 महिलाओं और 4 पुरुषों के नाम दर्ज हैं।

28 जुलाई के मास्टर रोल 2123 और 2125 में 10 में से सभी पुरुष हैं, परंतु हाजिरी में महिलाओं के नाम जोड़ दिए गए हैं। इसमें भी फोटो का खेल चल रहा है एक ही दिन के अलग-अलग मास्टर रोल में एक ही व्यक्ति दिखाई पड़ रहे हैं केवल उनका फोटो में स्थान चेंज है। 30 जुलाई के मास्टर रोल 2124 में केवल 6 पुरुष कार्य करते अपलोड फोटो में दिखाई पड़ रहे हैं, लेकिन 6 महिलाओं की उपस्थिति दर्शा दी गई है। इसी दिन के मास्टर रोल संख्या 2123 और 2125 के मास्टर रोल में फोटो से फोटो अपलोड किया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल ग्राम प्रधान और उनके करीबी लोगो की मिलीभगत से चल रहा है। जानकारों का कहना है कि यह योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है ताकि राजनीतिक हित साधे जा सकें, विशेष रूप से आगामी पंचायत या निकाय चुनाव के मद्देनज़र सब खेल किया जा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि मनरेगा की वेबसाइट पर अपलोड की गई तस्वीरों में महिलाएं दिखाई ही नहीं देतीं, फिर भी हाजिरी में उनके नाम दर्ज हैं। कुछ मामलों में तो पुरुषों की तस्वीरों के नीचे महिलाओं के नाम अंकित हैं। यह सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन और धोखाधड़ी है।

क्या कहता है कानून?

मनरेगा अधिनियम के अनुसार, मजदूरों की उपस्थिति प्रतिदिन की फोटो के साथ अनिवार्य है। इसमें छेड़छाड़, फर्जी हाजिरी या ग़लत फोटो अपलोड जालसाजी और वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। यदि जांच हुई, तो यह मामला वित्तीय घोटाले में तब्दील हो सकता है।0स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर ईमानदारी से जांच हुई तो कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे।


Spread the love

Related Posts

सचिव रजनी दुबे के आगे पंचायत भवन कलस्टर हुआ फेल

Spread the love

Spread the loveअवधी खबर संवाददाता बस्ती – विकासखण्ड कप्तानगंज में तैनात सचिव रजनी दूबे पर मनमानी ड्यूटी और नियमों की अनदेखी का आरोप लगा है। बीडीओ और एडीओ पंचायत द्वारा…


Spread the love

समाजसेवी ने महिलाओं को वितरित किया सिलाई मशीन

Spread the love

Spread the loveअवधी खबर संवाददाता बस्ती। जनपद बस्ती में महिला स्वावलंबन आस्था और रोजगार को एक साथ जोड़ने वाली अनूठी पहल देखने को मिली है राम जी का पेड़ा तैयार…


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *