सरयू का जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र में बढ़ी मुश्किलें, 225 से अधिक परिवारों को 26 प्रकार की राहत सामग्री वितरित।
अवधी ख़बर संवाददाता
मवई अयोध्या।सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से रुदौली तहसील के तराई क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। कैथी मांझा, नैपुरा, परसैया और सराय नासिर समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे संकट के समय रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित को पास्ता माफी बाढ़ चौकी पर ग्रामीणों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई।कैथी मांझा में 105, नैपुरा में 12, परसैया में आठ तथा सराय नासिर में 100 बाढ़ प्रभावित परिवारों को 26 प्रकार की आवश्यक राहत सामग्री वितरित की गई।
राहत सामग्री मिलने से बाढ़ की मार झेल रहे परिवारों ने राहत की सांस ली। विधायक ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।विधायक रामचंद्र यादव की सक्रियता और मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के बीच राहत कार्यों की निगरानी करने की पहल की क्षेत्रवासियों ने सराहना की। विधायक रामचंद्र यादव ने कहा कि कल फिर 270 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बांटी जायेगी।और जानवरों के लिए 200 कुंटल भूंसा वितरित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम, लगातार सेवाएं दे रही है।कैथी माझा में ख़राब पड़े सोलर पैनल ठीक कराया जा रहा है।
वहीं प्रशासन की ओर से भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देते हुए राजस्व टीमों को सक्रिय रखा गया है। विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है।राहत वितरण के दौरान उपजिलाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता, तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता, रूदौए सीएचसी अधीक्षक वीरेंद्र कुमार,कानूनगो तथा क्षेत्रीय लेखपाल मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की लगातार निगरानी और विधायक की मौके पर मौजूदगी से ग्रामीणों में भरोसा बढ़ा है।
गौरतलब है कि सरयू के जलस्तर बढ़ने पर रुदौली के तराई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जनप्रतिनिधि और प्रशासन के अधिकारियों का प्रभावित गांवों तक पहुंचना और जरूरतमंद परिवारों को समय से राहत सामग्री उपलब्ध कराना ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।





