प्रशासनिक मिलीभगत का गंभीर आरोप
अयोध्या।अयोध्या जनपद की सोहावल तहसील क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई कर लाखों रुपये की चोरी किए जाने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस व तहसील प्रशासन की कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया है।
रौनाही थाना क्षेत्र के शेखपुर जफर गांव निवासी जमीला खातून ने बताया कि ग्राम लखोरी स्थित खाता संख्या 60 की सहखातेदारी वाली भूमि से अवैध रूप से मिट्टी निकाली गई। उनकी बहन बुशरा खातून के अनुसार, उक्त अकृषि भूमि में उनके हिस्से पर पहले से नींव का निर्माण कराया गया था, जिसे अवैध खुदाई के कारण भारी नुकसान पहुंचा है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि 20 और 21 जनवरी की दरम्यानी रात ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की मौजूदगी में उनकी जमीन से बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन कराया गया। मिट्टी ढुलाई के लिए कई वाहन लगाए गए थे। जब परिजनों ने खुदाई का विरोध किया, तो प्रधान प्रतिनिधि ने कथित तौर पर कहा कि लेखपाल से नाप कराकर यह मिट्टी सरकारी कार्य के लिए निकाली जा रही है।परिजनों ने तत्काल डायल 112 पर अवैध खुदाई की सूचना दी, लेकिन इसके बावजूद खनन कार्य नहीं रुका।
जमीला खातून का कहना है कि करीब सात फीट गहराई तक मिट्टी निकाल ली गई, जिससे उनकी बाउंड्री वॉल की नींव क्षतिग्रस्त हो गई और पूरी जमीन तालाब जैसी हो गई है। पीड़ितों ने लगभग 15 लाख रुपये की मिट्टी अवैध रूप से निकाले जाने का आरोप लगाया है।मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने तहसील प्रशासन और स्थानीय पुलिस से लिखित शिकायत की है। इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक लालचंद सरोज ने बताया कि सुबह तहरीर प्राप्त हुई है और मामले की जांच तहसील के लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा की जाएगी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।वहीं, एसडीएम सोहावल सविता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका सीयूजी नंबर बंद मिला। तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए राजस्व निरीक्षक को निर्देशित किया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





