बभनान में लाखों के सामुदायिक शौचालय बंद, बदहाली से नाराज लोग
बभनान, बस्ती। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्ति के दावे नगर पंचायत बभनान में खोखले साबित हो रहे हैं। यहां लाखों रुपये की लागत से बने सामुदायिक शौचालय महीनों से ताले में बंद पड़े हैं। नतीजतन स्थानीय लोगों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 11 बागेश्वरनाथनगर वार्ड संख्या 10 सुभाष नगर और वार्ड संख्या 7 भगत सिंह नगर में बने सामुदायिक शौचालयों की हालत बदहाल है। शौचालयों के बाहर ताले लटके हैं, जबकि भीतर गंदगी, बदबू और अंधेरा पसरा हुआ है। सीटें गंदी हैं, फ्लश टैंक जर्जर हो चुके हैं और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शौचालयों के संचालन और रखरखाव के नाम पर हर साल बजट निकाला जाता है। कागजों में केयरटेकर और सफाई कर्मियों की तैनाती भी दर्शाई जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं दिखती। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका गहराती जा रही है।
शौचालय बंद होने से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते साफ-सफाई और मरम्मत कराई जाती, तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती।
स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। लोगों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई और शौचालयों को तत्काल चालू कराने की मांग की है।
इस संबंध में नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी कीर्ति सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।





