अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर (प्रमोद वर्मा) ।
जनपद में मनरेगा योजना के अंतर्गत भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला भीटी विकासखंड के असगवा गांव से सामने आया है, जहां एक ही व्यक्ति की फोटो को अलग-अलग मास्टर रोल में अपलोड कर सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने का गंभीर मामला उजागर हुआ है।

बरही संपर्क मार्ग से खजुआ तालाब तक चल रहे चक मार्ग निर्माण कार्य में तीन अलग-अलग मास्टर रोल में एक ही मजदूर की तस्वीर लगाई गई, जबकि दस्तावेजों में मजदूरों के नाम अलग-अलग दर्शाए गए हैं। इससे साफ है कि वास्तविक मजदूरों के स्थान पर फर्जी हाजिरी दिखाकर भुगतान निकाला जा रहा है।

मामले में जब ग्राम प्रधान से बात की गई तो उन्होंने मजदूरों की हाजिरी लगाने की जिम्मेदारी रोजगार सेवक पर डाल दी। वहीं रोजगार सेवक ने बताया कि आज वह घर मौजूद नहीं थे और हाजिरी ग्राम प्रधान के पुत्र द्वारा लगाई गई है, साथ ही हाजिरी को जीरो करने की बात कही।

जब पुनः ग्राम प्रधान से सवाल किया गया तो उन्होंने यह तर्क दिया कि मनरेगा में मिलने वाली मजदूरी कम होने के कारण मजदूर काम करने को तैयार नहीं होते, इसलिए इस तरह से काम कराया जाता है।
एक ही फोटो को कई मास्टर रोल में दिखाया जाना मनरेगा की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस खुले फर्जीवाड़े पर क्या कार्रवाई करता है।





