अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर (प्रमोद वर्मा) ।श्रवण धाम महोत्सव के समापन के बाद श्रावण क्षेत्र स्थित तमसा नदी के घाटों पर बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था प्रशासनिक दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। महोत्सव के दौरान जिस क्षेत्र को चकाचक किया गया था, वही घाट अब गंदगी के अंबार में तब्दील हो चुके हैं।

तमसा नदी के लगभग सभी प्रमुख घाटों पर कचरा बिखरा पड़ा है, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।कटेहरी ब्लॉक में कुल 186 सफाई कर्मचारियों की तैनाती होने के बावजूद जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है।

साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। श्रवण घाट, त्रिवेणी घाट, रामघाट और आरती घाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिसे देखकर कोई भी हैरान रह जाए।सबसे चिंताजनक स्थिति आरती घाट की है, जहां प्रतिदिन तमसा नदी की संध्या आरती आयोजित की जाती है। पावन श्रवण धाम संगम स्थल पर ग्रीष्मकाल में शाम 7 बजे तथा शीतकाल में शाम 5 बजे नियमित आरती होती है, वहीं पूर्णिमा व विशेष पर्वों पर भव्य आरती का आयोजन किया जाता है।

इसके बावजूद आरती स्थल के आसपास फैली गंदगी श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था पर सीधा सवाल खड़ा कर रही है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था केवल श्रवण धाम महोत्सव तक ही सीमित रही। महोत्सव समाप्त होते ही सफाई कर्मचारियों की सक्रियता भी खत्म हो गई। परिणामस्वरूप घाटों की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। नदी में जगह-जगह तैरती गंदगी भी साफ तौर पर देखी जा सकती है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य को लेकर भी खतरा बढ़ रहा है।
श्रद्धालुओं और आमजन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि घाटों की नियमित व प्रभावी साफ-सफाई कराई जाए, साथ ही नदी में फैल रही गंदगी पर भी सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि इस प्रमुख धार्मिक स्थल की पवित्रता बनी रहे और श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।





