अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकर नगर।
जनपद के जलालपुर कोतवाली क्षेत्र में एक युवक के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही और अनुचित आचरण पाए जाने पर एक उपनिरीक्षक सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं, पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी आलापुर को सौंपी गई है।
बताया गया कि बड़ागांव निवासी मंशाराम निषाद ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव के ही मधुवन, उसके पुत्र तिलकराम तथा अन्य लोग आए दिन उसकी भूमि पर गंदगी करते हैं। मना करने पर वे गाली-गलौज करते हुए विवाद पर उतारू हो जाते हैं। पीड़ित का कहना है कि 25 जनवरी को आरोपितों ने पहले से ईंट-पत्थर जमा कर रखे थे और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को जलालपुर कोतवाली बुलाया था, जहां समझौते के नाम पर बातचीत होनी थी। आरोप है कि इसी दौरान कोतवाली परिसर में पुलिसकर्मियों ने एक पक्ष के दबाव में आकर मंशाराम निषाद के साथ मारपीट की, जिससे उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एएसपी पश्चिमी हरेंद्र कुमार ने उपनिरीक्षक शैलेंद्र कुमार, मुख्य आरक्षी धीरेंद्र कुमार, आरक्षी संदीप और कांस्टेबल अंगद कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्राधिकारी आलापुर प्रदीप सिंह चंदेल को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और आम नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं होगा।





