अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकर नगर।
जनपद में कानून के रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं तो पुलिस महकमे की साख पर सवाल उठना स्वाभाविक है। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र में पीआरवी पर तैनात दो आरक्षियों की संलिप्तता एक ठगी के मामले में सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीआरवी में तैनात आरक्षी अनिल यादव एवं आदर्श यादव को निलंबित कर दिया है। दोनों आरक्षियों को उनके एक साथी प्रमोद सिंह के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी आरक्षियों ने अपने सहयोगी प्रमोद सिंह एवं वीरेंद्र वर्मा सहित अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी का एक संगठित रैकेट खड़ा कर रखा था। यह गिरोह लोगों को कम कीमत पर सोना उपलब्ध कराने का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था।
प्रकरण के अनुसार, गोरखपुर जनपद के रुस्तमपुर आजाद चौक, रामगढ़ ताल निवासी शिवम मिश्र पुत्र रामश्याम को आरोपियों ने 50 ग्राम सोना मात्र दो लाख रुपये में देने का झांसा देकर राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के देवरिया बाजार से आगे बुलाया।
तय स्थान पर पहुंचने पर प्रमोद सिंह ने शिवम मिश्र से दो लाख रुपये की मांग की। इसी दौरान पीआरवी में तैनात आरक्षी अनिल यादव एवं आदर्श यादव भी बुलेट मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे और कथित तौर पर शिवम मिश्र को धमकाते हुए उससे रुपये ले लिए। आरोप है कि सोना देने के बजाय उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।
किसी तरह साहस जुटाकर पीड़ित शिवम मिश्र राजेसुल्तानपुर थाने पहुंचा और अपनी आपबीती बताते हुए लिखित तहरीर दी। तहरीर के आधार पर प्रमोद सिंह, वीरेंद्र वर्मा, दो अज्ञात आरक्षियों एवं तीन मोबाइल नंबरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई।
विवेचना के दौरान पूरे मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने आरक्षी अनिल यादव, आदर्श यादव एवं प्रमोद सिंह को गिरफ्तार कर लिया। तीनों का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले में शामिल अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्याम देव ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी प्रचलित है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
आरक्षियों की गिरफ्तारी के बाद जहां आमजन में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।





